BCI Declaration: लॉ छात्रों के क्रिमिनल बैकग्राउंड की होगी जांच, बीसीआई ने जारी एडवाइजरी
Saurabh Pandey | September 24, 2024 | 08:44 PM IST | 2 mins read
बीसीआई की तरफ से जारी गाइडलाइन में कहा गया है कि जो छात्र अपनी आपराधिक पृष्ठभूमि, एक साथ डिग्री की स्थिति, या रोजगार के बारे में खुलासा करने में विफल रहते हैं, उन्हें शैक्षणिक और कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ेगा, जिसमें उनकी मार्कशीट और डिग्री को रोकना भी शामिल है।
नई दिल्ली : बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने कानूनी शिक्षा के सभी केंद्रों में लॉ छात्रों के आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच करने, एक साथ दो डिग्री करने, सभी लॉ केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की स्थापना के संबंध में एक घोषणा की है।
कानूनी पेशे के नैतिक मानकों को बनाए रखने के लिए, लॉ के छात्रों को अपनी साफ-सुथरी छवि बनाए रखना होगा। सभी लॉ छात्रों को अब अपनी फाइनल मार्कशीट और डिग्री जारी करने से पहले किसी भी चल रहे एफआईआर, आपराधिक मामले, सजा, या बरी होने की घोषणा करनी होगी। ऐसी जानकारी का खुलासा करने में विफल रहने वाले उम्मीदवारों को फाइनल मार्कशीट और डिग्री नहीं दी जाएगी।
ऐसे सभी मामलों में बीसीआई को ईमेल के माध्यम से bciinfo21@gmail.com पर विषय के साथ सूचित किया जाना चाहिए। सीएलई को छात्र को अंतिम मार्कशीट और डिग्री जारी करने से पहले बीसीआई के फैसले का इंतजार करना होगा।
छात्रों के आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच करें
सीएलई को फाइनल मार्कशीट और डिग्री जारी करने से पहले प्रत्येक छात्र की पूरी तरह से आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच करनी चाहिए। आपराधिक मामलों में किसी भी संलिप्तता की सूचना बार काउंसिल ऑफ इंडिया को दी जानी चाहिए, और संस्थानों को फाइनल मार्कशीट या डिग्री जारी करने से पहले बीसीआई के फैसले का इंतजार करना चाहिए।
एक साथ दो डिग्री नहीं कर सकेंगे छात्र
कानूनी शिक्षा के नियमों के अनुसार, छात्रों को एक साथ एक से अधिक नियमित डिग्री कार्यक्रम करने से प्रतिबंधित किया गया है। लॉ के छात्रों को यह घोषित करना होगा कि उन्होंने एलएलबी की पढ़ाई के दौरान कोई अन्य नियमित शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं लिया है। इस नियम का उल्लंघन करते पाए जाने वाले किसी भी छात्र को सीएलई द्वारा अंतिम मार्कशीट या डिग्री जारी नहीं की जाएगी।
सभी लॉ केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे
छात्र उपस्थिति की सही निगरानी सुनिश्चित करने के लिए सभी सीएलई को बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली स्थापित करना आवश्यक है। इसके अलावा, कक्षाओं और संस्थान के अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने चाहिए। इन कैमरों की रिकॉर्डिंग को एक वर्ष की अवधि के लिए संरक्षित किया जाना चाहिए।
बीसीआई की तरफ से जारी गाइडलाइन में कहा गया है कि जो छात्र अपनी आपराधिक पृष्ठभूमि, एक साथ डिग्री की स्थिति, या रोजगार के बारे में खुलासा करने में विफल रहते हैं, उन्हें शैक्षणिक और कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ेगा, जिसमें उनकी मार्कशीट और डिग्री को रोकना भी शामिल है।
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