Press Trust of India | July 7, 2026 | 08:26 AM IST | 1 min read
अशोक गहलोत ने दावा किया कि नवलगढ़ में आयोजित राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) भर्ती परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र का एक लिफाफा खुला मिला था, लेकिन इस मामले को दबा दिया गया।

नई दिल्ली: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को आरोप लगाया कि राज्य की भाजपा सरकार भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं पर रोक लगाने के बजाय उन्हें छिपाने का “मॉडल” अपना रही है। गहलोत ने एक बयान में आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं में हुई कई कथित अनियमितताओं को सरकार ने दबाने का प्रयास किया है।
उन्होंने कहा, “भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों को रोकने के बजाय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार ने उन्हें छिपाने का मॉडल अपना लिया है।” गहलोत ने दावा किया कि नवलगढ़ में आयोजित राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) भर्ती परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र का एक लिफाफा खुला मिला था, लेकिन इस मामले को दबा दिया गया।
गहलोत ने आरोप लगाया कि अजमेर में उप जेलर भर्ती परीक्षा के दौरान भी इसी तरह की घटनाएं हुईं। कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड में ओएमआर शीट से जुड़ी अनियमितताओं तथा ‘नॉर्मलाइजेशन’ के नाम पर अंकों में कथित हेराफेरी के मामलों में भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा, “अब जैसलमेर में एलडीसी भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं की खबरें सामने आई हैं, लेकिन यह तय है कि सरकार इस मामले को भी छिपाएगी।” पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के हितों की रक्षा करने के लिए ऐसे मामलों को दबाकर अपनी “छवि साफ” रखने का प्रयास करने के बजाय उनमें सुधारात्मक कार्रवाई करना आवश्यक है।
उन्होंने इन मामलों की गहन जांच की मांग करते हुए कहा कि इस तरह की अनियमितताएं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के भविष्य को प्रभावित करती हैं। गहलोत ने कहा, “युवाओं का हित इन अनियमितताओं को छिपाने में नहीं, बल्कि जब भी वे सामने आएं, उन्हें दूर करने में है।”