AI and Jobs: एआई से अभी तक नौकरियों का नुकसान नहीं, युवा कर्मचारियों की भर्ती धीमी होने के संकेत- रिपोर्ट
Press Trust of India | March 6, 2026 | 05:45 PM IST | 1 min read
एआई फर्म एंथ्रोपिक (AI firm Anthropic) के मुताबिक कृत्रिम मेधा का वास्तविक प्रसार अभी उसकी क्षमता के मुकाबले काफी कम है।
नई दिल्ली: कृत्रिम मेधा (AI) से अभी तक नौकरियों का कोई उल्लेखनीय नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन इस प्रौद्योगिकी से प्रभावित व्यवसायों में युवा कर्मचारियों की भर्ती धीमी होती दिख रही है। एआई फर्म एंथ्रोपिक के एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई।
एआई फर्म एंथ्रोपिक के मुताबिक कृत्रिम मेधा का वास्तविक प्रसार अभी उसकी क्षमता के मुकाबले काफी कम है।
क्लाउड चैटबॉट के पीछे काम करने वाले और अब अमेरिकी प्रशासन की जांच के घेरे में आ चुके सैन फ्रांसिस्को स्थित एआई स्टार्टअप की रिपोर्ट में श्रम बाजार के आंकड़ों के साथ वास्तविक दुनिया में एआई के उपयोग का विश्लेषण किया गया है।
इसमें पाया गया कि कार्यालय से जुड़े, ज्ञान-आधारित व्यवसाय एआई से सबसे अधिक प्रभावित हैं। विशेष रूप से कोडिंग, सूचना प्रसंस्करण, विश्लेषण और नियमित डिजिटल कार्यों से जुड़ी भूमिकाएं।
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वास्तव में कंप्यूटर प्रोग्रामर, ग्राहक सेवा प्रतिनिधि, डेटा एंट्री ऑपरेटर, बाजार शोध विश्लेषक और वित्तीय तथा निवेश विश्लेषक जैसे पद सबसे अधिक प्रभावित व्यवसायों में शामिल हैं।
इनके कई कार्यों को पहले ही लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) ने स्वचालित या तेज कर दिया है।
इसके विपरीत मुख्य रूप से शारीरिक क्षमताओं की आवश्यकता वाली नौकरियों पर इसका सबसे कम प्रभाव पड़ता दिख रहा है, जिनमें रसोइया, मोटरसाइकिल मैकेनिक, लाइफगार्ड और बारटेंडर शामिल हैं।
अध्ययन में कहा गया, “एआई अपनी सैद्धांतिक क्षमता तक पहुंचने से बहुत दूर है। वास्तविक प्रसार व्यवहार्य क्षमता का एक छोटा सा हिस्सा है।”
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