AI and Jobs: एआई का इस्तेमाल बढ़ने के साथ घट रही हैं प्रवेश स्तर की नौकरियां - इक्रियर रिपोर्ट
Press Trust of India | February 15, 2026 | 12:43 PM IST | 2 mins read
रिपोर्ट में कहा गया कि सॉफ्टवेयर डेवलपर और डेटाबेस प्रशासक जैसे एआई की जरूरत वाले क्षेत्रों में मांग सबसे ज्यादा बढ़ी है।
नई दिल्ली: कंपनियों के बीच कृत्रिम मेधा (AI) की स्वीकार्यता बढ़ने से विशेष रूप से प्रवेश स्तर की भर्तियां प्रभावित हुई हैं। एक रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकाला गया है। ओपनआई के समर्थन से इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकॉनमिक रिलेशंस (इक्रियर) के एक अध्ययन के मुताबिक, एआई को अपनाने से पूरे क्षेत्र में नियुक्तियों को लेकर प्राथमिकताएं बदल रही हैं।
अध्ययन के अनुसार, 63 प्रतिशत कंपनियों में डोमेन विशेषज्ञता और एआई या डेटा कौशल वाले कर्मचारियों की मांग बढ़ी है, क्योंकि एआई उनके मुख्य कामकाज के साथ एकीकृत हो गया है। ‘एआई एंड जॉब्स: दिस टाइम इज नो डिफरेंट’ शीर्षक वाली रिपोर्ट भारत में अब तक के जेन एआई स्वीकार्यता के कंपनी स्तर का आकलन है।
यह अध्ययन नवंबर, 2025 और जनवरी, 2026 के बीच किया गया। इसमें भारत के 10 शहरों की 650 सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों की प्रतिक्रिया शामिल है। इसमें बताया गया, “कंपनियों ने कहा है कि एआई की वजह से नियुक्तियों में मामूली कमी आई है। मुख्य रूप से प्रवेश स्तर पर ऐसा देखने को मिल रहा है। साथ ही मध्यम और शीर्ष स्तर पर भर्तियों में स्थिरता भी है।”
रिपोर्ट कहती है कि सॉफ्टवेयर डेवलपर और डेटाबेस प्रशासक जैसे एआई की जरूरत वाले क्षेत्रों में मांग सबसे ज्यादा बढ़ी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई से सबसे ज़्यादा प्रभावित 1,900 से ज्यादा कारोबारी खंडों में उत्पादकता में बढ़ोतरी, गिरावट से काफी ज्यादा है।
सर्वे में शामिल आधी से ज़्यादा कंपनियों ने कहा कि वे पहले से ही जागरूकता या प्रशिक्षण के जरिये एआई को अपनाने में मदद कर रही हैं। वहीं 38 प्रतिशत अन्य ने कहा कि वे ऐसा करने की तैयारी कर रही हैं। हालांकि, इसमें कहा गया है कि प्रशिक्षण का दायरा अभी सीमित है और सिर्फ कुछ ही कंपनियों का कहना था कि पिछले साल उनके आधे से ज़्यादा श्रमबल ने एआई से जुड़ा प्रशिक्षण हासिल किया है।
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