Adecco India Report 2025: देश में अगस्त से अक्टूबर के बीच भर्तियों में 17% की बढ़ोतरी हुई दर्ज- रिपोर्ट
Abhay Pratap Singh | November 11, 2025 | 02:29 PM IST | 2 mins read
दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई जैसे महानगर की कुल भर्ती में सबसे अधिक 75-80 प्रतिशत हिस्सेदारी रही।
मुंबई: देश में अगस्त से अक्टूबर के बीच भर्तियों में सालाना आधार पर 17 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कार्यबल समाधान प्रदाता एडेको इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 की समान अवधि की तुलना में इस वर्ष ‘गिग’ (अल्पकालिक) और अस्थायी नौकरियों में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
आंतरिक आंकड़ों एवं बाहरी रिपोर्ट के विश्लेषण पर आधारित इस रिपोर्ट में कहा गया कि दशहरा से पहले और उसके बाद के हफ्तों में खुदरा, ई-कॉमर्स, बीएफएसआई (बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं एवं बीमा), लॉजिस्टिक्स तथा आतिथ्य क्षेत्रों में अस्थायी कर्मचारियों की मांग में तेज उछाल देखने को मिला।
एडेको ने 2025 में 2.16 लाख ‘गिग’ और अस्थायी नौकरियों का अनुमान लगाया था लेकिन सिर्फ तीन महीनों में ही इस क्षेत्र में अस्थायी भर्ती में 37 प्रतिशत और ‘गिग वर्कर’ की तैनाती में 15-20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई जो मौसमी मांग की मजबूती को दर्शाता है। 'गिग वर्कर' से तात्पर्य काम के आधार पर भुगतान पाने वाले अल्पकालिक कर्मचारियों से है।
एडेको इंडिया के निदेशक एवं प्रमुख (जनरल स्टाफिंग) दीपेश गुप्ता ने कहा, ‘‘ इस वर्ष भारत में त्योहारों के दौरान भर्ती आर्थिक विश्वास और ‘गिग’ अर्थव्यवस्था की परिपक्वता दोनों को दर्शाती है। भर्ती का परिमाण एवं पारिश्रमिक भुगतान पिछले तीन वर्ष से अधिक रहे हैं जिससे 2025, कोविड-19 वैश्विक महामारी के बाद सबसे मजबूत वर्ष बन गया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ 2024 की तुलना में ‘गिग’ और अस्थायी भर्ती में 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जबकि महिला कार्यबल की भागीदारी 30-35 प्रतिशत बढ़ी है खासकर खुदरा, ग्राहक सेवा, लॉजिस्टिक्स और वित्तीय सेवाओं से जुड़े कार्यों में...।’’
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई जैसे महानगर की कुल भर्ती में सबसे अधिक 75-80 प्रतिशत हिस्सेदारी रही। हालांकि, मझोले एवं उभरते शहरों में मांग में अधिक तेजी आई जहां सालाना आधार पर 21-25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
एडेको के आंकड़ों के अनुसार लखनऊ, जयपुर, कोयंबटूर, भुवनेश्वर, नागपुर और मैसूर जैसे शहरों में 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई जो महानगरों में दर्ज 14 प्रतिशत वृद्धि से अधिक है।
इसके अलावा कानपुर, कोच्चि, विजयवाड़ा और वाराणसी जैसे नए बाजार भी 18-20 प्रतिशत के साथ अल्पकालिक रोजगार के प्रमुख केंद्र बनकर उभरे हैं जो भारत के मजबूत कार्यबल के भौगोलिक विस्तार को दर्शाते हैं।
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