Press Trust of India | April 17, 2026 | 02:26 PM IST | 1 min read
परीक्षा में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए आयोग मुख्यालय में अत्याधुनिक एकीकृत नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जहां से सभी परीक्षा केंद्रों की कड़ी निगरानी की जाएगी।

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (यूपीईएसएससी) ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। प्रयागराज स्थित आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप, परीक्षाओं को पूरी तरह से नकल-मुक्त और पूरी तरह से योग्यता-आधारित बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
अध्यक्ष ने बताया कि आगामी परीक्षाओं में शुचिता, पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए आयोग मुख्यालय में अत्याधुनिक एकीकृत नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जहां से सभी परीक्षा केंद्रों की कड़ी निगरानी की जाएगी।
अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार के बयान के मुताबिक, नियंत्रण कक्ष में दो दर्जन से अधिक हाई-रेजोल्यूशन स्क्रीन और एआई कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों पर वास्तविक समय में नजर रखी जा सकेगी।
साथ ही, इसमें कहा गया है कि यूपीईएसएससी प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी, अनियमितता या अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुडे़ मामलों में कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आयोग ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है।
बयान में अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे परीक्षा को पूरी ईमानदारी से दें और सभी नियमों का पालन सुनिश्चित करें। इसमें अभ्यर्थियों से किसी भी तरह की अफवाहों या भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न देने की भी अपील की गई है।
इस भर्ती अभियान के तहत, बिहार के सरकारी स्कूलों में कुल 46,882 पदों पर शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। इस भर्ती में प्राथमिक शिक्षक (कक्षा 1-5), मध्य विद्यालय शिक्षक (कक्षा 6-8), माध्यमिक शिक्षक (कक्षा 9-10), और उच्च माध्यमिक शिक्षक (कक्षा 11-12) के पद शामिल हैं।
Santosh Kumar