Press Trust of India | September 28, 2026 | 07:59 AM IST | 4 mins read
हंगामे को देखते हुए यूनिवर्सिटी ने सोमवार से 10 दिन के लिए कक्षाएं निलंबित कर मध्यावधि परीक्षाएं अगले आदेश तक स्थगित कर दी गई हैं।

फगवाड़ा: पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) के छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में एक बाहरी व्यक्ति द्वारा एक छात्रा से ''दुष्कर्म किए जाने के दावे'' को लेकर परिसर में तोड़फोड़ की और राष्ट्रीय राजमार्ग-44 को बाधित कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि रविवार शाम फिर से हिंसा भड़क उठी जब प्रदर्शनकारी छात्रों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और उनके वाहनों पर हमला किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। एडीजीपी एमएफ फारूकी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल बाद में एलपीयू परिसर में पहुंचा। पुलिस ने बताया कि अब स्थिति नियंत्रण में है।
पुलिस ने बताया कि एनएच-44 पर यातायात जल्द ही बहाल कर दिया जाएगा। शाम को पुलिस परिसर के बाहर एनएच-44 को अवरुद्ध कर रहे प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास कर रही थी, तभी कुछ छात्रों ने उन पर पानी की बोतलें फेंकी।
छात्रों की पुलिस के साथ झड़प भी हुई, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस के दो वाहनों में भी आग लगा दी गई, जबकि पत्रकार और पुलिसकर्मी बचने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
पुलिस ने बताया कि स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अतिरिक्त बल बुलाया गया है। हंगामे को देखते हुए यूनिवर्सिटी ने सोमवार से 10 दिन के लिए कक्षाएं निलंबित कर मध्यावधि परीक्षाएं अगले आदेश तक स्थगित कर दी गई हैं।
पुलिस ने बताया कि छात्रों की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है और जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने घटना को "अफवाह" बताया है।
यह घटना पटियाला स्थित चितकारा विश्वविद्यालय के छात्रों के एक दिन पहले हुए बड़े प्रदर्शन के बाद हुई है, जहां कथित तौर पर दो छात्राओं के आत्महत्या करने के अपुष्ट दावों को लेकर छात्रों ने पुलिस वाहन में आग लगा दी थी।
एलपीयू में दिनभर नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला। एक छात्र परिसर में रखे गए सेवा से हटाये गए मिग-23यूएम विमान के ऊपर चढ़ गया, जबकि कुछ अन्य छात्र सेना के एक टैंक पर चढ़ गए।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारी छात्र कथित रूप से परिसर में खिड़कियों के शीशे और गमले तोड़ते तथा कुछ वस्तुओं में आग लगाते दिखे। वीडियो में पृष्ठभूमि में "हमें न्याय चाहिए" के नारे सुनाई दे रहे थे।
प्रदर्शनकारियों ने एनएच-44 को अवरुद्ध कर दिया। प्रदर्शन रविवार तड़के करीब 1 बजे परिसर के गर्ल्स हॉस्टल के पास शुरू हुआ। कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि वहां रहने वाली एक छात्रा के साथ 3 दिन पहले एक प्लंबर ने दुष्कर्म किया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि हॉस्टल वार्डन को घटना की जानकारी दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि, एलपीयू प्रबंधन ने एक बयान में कहा कि इन "अफवाहों" में कोई सच्चाई नहीं है।
रजिस्ट्रार मोनिका गुलाटी ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व "झूठे, निराधार और मनगढ़ंत" आरोप फैलाकर भ्रम पैदा कर रहे हैं। एलपीयू ने हॉस्टल के एक कमरे में रहने वाली तीन छात्राओं का वीडियो बयान भी जारी किया।
इसमें उन्होंने दावा किया कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई और वे पिछले दो महीने से वहां रह रही हैं। कुलपति जसपाल सिंह संधू ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि उनकी वास्तविक शिकायतों का समाधान किया जाएगा।
प्रदर्शनकारी मांग कर रहे थे कि एलपीयू के संस्थापक-कुलाधिपति अशोक मित्तल, जो भाजपा के राज्यसभा सांसद भी हैं, मौके पर आएं और उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दें।
स्थिति शाम करीब 7.30 बजे और खराब हो गई, जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सड़क जाम हटाने के लिए मनाने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर बोतलें फेंकी, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
मौके पर पहुंचे डीआईजी सिंगला ने कहा कि छात्रों का दावा है कि हॉस्टल नंबर-3 में रहने वाली पीड़िता कार्रवाई नहीं होने के बाद अपने घर लौट गई। डीआईजी ने बताया कि छात्रों के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
उन्होंने कहा, "निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हम फोरेंसिक नमूनों, सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड आदि का विश्लेषण करेंगे। छात्राएं मांग कर रही हैं कि पूरे हॉस्टल स्टाफ में केवल महिलाएं हों। उन्होंने कहा, "प्रबंधन इन मांगों पर ध्यान देगा।"
एक अन्य सवाल के जवाब में डीआईजी ने कहा कि एलपीयू में तेलंगाना की एक छात्रा ने 15 दिन पहले आत्महत्या की थी। उन्होंने कहा, "अगर छात्रों का कहना है कि इसमें कोई गड़बड़ी हुई है तो कार्रवाई की जाएगी।"
कुलपति जसपाल सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय को ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है और प्रशासन जांच में सहयोग करेगा। विश्वविद्यालय ने कहा कि यह विश्वविद्यालय की छवि खराब करने का सुनियोजित" प्रयास प्रतीत होता है।
बयान में छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों से ऐसी अफवाहों पर विश्वास न करने, उन्हें साझा या प्रचारित नहीं करने और विश्वविद्यालय के आधिकारिक माध्यमों से दी गई जानकारी पर भरोसा करने की अपील की गई।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा, ''एलपीयू में जो हो रहा है वह बेहद चिंताजनक है। अगर छात्रों के पास किसी घटना को लेकर गंभीर सवाल या चिंताएं हैं तो उन्हें जवाब मिलना चाहिए।"
उन्होंने कहा कि यह हिंसा पंजाब की विफल कानून-व्यवस्था की स्थिति को दर्शाती है। उन्होंने कहा, ''एनएच-44 सुबह से अवरुद्ध है, लेकिन आप सरकार का एक भी प्रतिनिधि छात्रों से मिलने और उनकी शिकायतें सुनने नहीं आया है।''