UP Police Constable Exam: यूपी पुलिस कांस्टेबल परीक्षा रद्द, 6 महीने के अंदर दोबारा होगा एग्जाम, सीएम का ऐलान

Santosh Kumar | February 24, 2024 | 02:31 PM IST | 2 mins read

सीएम ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक में समीक्षा के बाद परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया। एसटीएफ को भी सख्ती से जांच के निर्देश दिए गए।

यूपी पुलिस कांस्टेबल परीक्षा रद्द (इमेज-पीटीआई)

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी पुलिस कांस्टेबल परीक्षा पेपर लीक मामले में बड़ा फैसला लेते हुए 60244 पदों के लिए होने वाली भर्ती परीक्षा रद्द कर दी है। सीएम ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक में समीक्षा के बाद यह फैसला लिया। साथ ही मुख्यमंत्री ने बोर्ड को 6 महीने के अंदर दोबारा परीक्षा आयोजित करने का आदेश दिया है।

आपको बता दें कि यूपी पुलिस कांस्टेबल परीक्षा 17-18 फरवरी को आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद से ही अभ्यर्थी लगातार पेपर लीक का हवाला देकर दोबारा परीक्षा की मांग कर रहे थे, जिस पर सरकार ने बड़ा फैसला लिया। पेपर लीक मामले में राज्य ने इससे पहले जिला पुलिस और एसटीएफ को जांच के आदेश दिए थे, जिसके बाद इस पूरे मामले में 250 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

'अराजक तत्वों पर सख्त कार्रवाई होना तय'

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये भर्ती परीक्षा छह माह के भीतर पूरी शुचिता के साथ दोबारा आयोजित की जाएगी। उन्होंने युवाओं की मेहनत और परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने का भी आश्वासन दिया। सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए कहा, "अभ्यर्थियों की मेहनत से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे अराजक तत्वों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होना तय है।" इसके साथ ही सीएम ने एसटीएफ को भी सख्ती से जांच करने के निर्देश दिए।

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UP Police Constable Exam: कड़ी निगरानी के बावजूद पेपर लीक

बता दें कि यूपी पुलिस कांस्टेबल परीक्षा राज्य के 75 जिलों के 2377 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। इस परीक्षा के लिए 48 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। परीक्षा के लिए हर जिले के अलावा भर्ती बोर्ड मुख्यालय में भी दो कंट्रोल रूम बनाए गए, ताकि केंद्रों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा सके। इसके बावजूद राज्य के कुछ ठगों और अराजक तत्वों द्वारा परीक्षा की शुचिता को भंग किया।

इसके बाद से अभ्यर्थी परीक्षा दोबारा कराने की मांग को लेकर सड़कों पर डटे रहे। पेपर लीक के दावों और अभ्यर्थियों के विरोध को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने अभ्यर्थियों से पेपर लीक की शिकायतों पर साक्ष्यों के साथ आपत्तियां मांगी थीं, जिस पर बोर्ड को करीब डेढ़ हजार शिकायतें ऑनलाइन मिली।

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