उत्तर प्रदेश में अगले 6 महीने माह के भीतर 1,00,000 से अधिक युवाओं को देंगे सरकारी नौकरी - सीएम योगी आदित्यनाथ

Press Trust of India | September 19, 2026 | 03:42 PM IST | 2 mins read

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले तत्कालीन सरकार ने भर्ती बोर्डों और आयोगों में अपने रिश्तेदारों को बैठाकर पूरी प्रक्रिया को बदनाम कर दिया था।

यूपी सीएम योगी ने कहा - अब तक 9.5 लाख नौजवानों को हम नियुक्ति पत्र वितरित कर चुके हैं। (इमेज-आधिकारिक एक्स/CMOUP)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि अगले 6 महीने में राज्य में एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा विभिन्न विभागों के पदों पर चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पूरी पारदर्शिता के साथ साढ़े नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं।

उन्होंने अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली पिछली समाजवादी पार्टी सरकार (सपा) पर निशाना साधते हुए कहा, “2017 से पहले जिन लोगों ने नियुक्ति पत्रों के वितरण में गड़बड़ी की थी, उनसे कहना चाहता हूं कि नोट कर लें, आज से फिर नियुक्ति पत्र वितरित कर रहे हैं और अगले छह महीने के अंदर एक लाख से अधिक युवाओं को उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी देंगे। वे (विपक्ष) गिनती करें, हम (नौकरी) देते जाएंगे।”

मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले राज्य की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा, “उस समय उत्तर प्रदेश के बारे में लोगों की धारणा क्या थी, हर दूसरे दिन दंगा होता था, महीनों-महीनों तक कर्फ्यू रहता था और कोई भी व्यक्ति सुरक्षित नहीं था।” उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन सरकार ने भर्ती बोर्डों और आयोगों में अपने रिश्तेदारों को बैठाकर पूरी प्रक्रिया को बदनाम कर दिया था।

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योगी ने कहा, “तब एक भी भर्ती ईमानदारी से नहीं होती थी। युवा पलायन करता था। उसके सामने एक ओर कुआं था और दूसरी ओर खाई, क्योंकि उत्तर प्रदेश में नौकरी नहीं थी और राज्य के बाहर उसके सामने पहचान का संकट था।” मुख्यमंत्री ने मिशन रोजगार के तहत चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरी की गई।

उन्होंने कहा कि भर्ती बोर्ड और आयोग अब सरकार की राजनीति का शिकार नहीं होते हैं तथा परीक्षाओं की प्रक्रिया पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से पूरी होती है, जिसके परिणाम अब दिखाई दे रहे हैं। आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, संसदीय कार्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने भी समारोह को संबोधित किया।

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