भारत की युवा शक्ति को कौशल और सशक्त बनाने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने 15 कंपनियों के साथ एमओयू किया साइन
Abhay Pratap Singh | February 15, 2024 | 08:42 PM IST | 2 mins read
मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि आज बनी साझेदारियां कौशल भारत मिशन को आगे ले जाएंगी और वैश्विक अवसरों को अपनाने के लिए अधिक सक्षम, उत्पादक और कुशल कार्यबल तैयार करेंगी।
नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भारत की युवा शक्ति को कौशल और सशक्त बनाने के लिए 15 कंपनियों, उद्योग दिग्गजों और अग्रणी शैक्षणिक संस्थानों के साथ एमओयू साइन किया है। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) के तत्वावधान में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के साथ मिलकर उद्योग साझेदारी की शुरुआत की गई है।
यह साझेदारी फ्लिपकार्ट, टीमलीज, इंफोसिस, आईआईटी गुवाहाटी एंड लॉजिकनॉट्स, टाइम्सप्रो, बीसीजी, गूगल, अपग्रेड, अनस्टॉप, माइक्रोसॉफ्ट, एम3एम फाउंडेशन, रिलायंस फाउंडेशन, यस फाउंडेशन, यूपीएस और डिजीवर्सिटी के साथ हुई है। इस दौरान एमएसडीई सचिव अतुल कुमार तिवारी, एनसीवीईटी चेयरपर्सन डॉ. निर्मलजीत सिंह कलसी मौजूद रहे।
मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि आज बनी साझेदारियां कौशल भारत मिशन को आगे ले जाएंगी और वैश्विक अवसरों को अपनाने के लिए अधिक सक्षम, उत्पादक और कुशल कार्यबल तैयार करेंगी। जैसे-जैसे प्रौद्योगिकी, पैमाना और स्थिरता का लाभ उठाकर भारत एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, वैसे ही भारतीय कार्यबल न केवल घरेलू मांग बल्कि वैश्विक मांग को भी पूरा करेगा।
नौकरी पर प्रशिक्षण और उद्योग अनुभव की सुविधा प्रदान करके एमएसडीई और एनएसडीसी छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान, रचनात्मक कौशल और समृद्ध अनुभवों से लैस कर रहे हैं। इससे युवाओं के नेतृत्व में विकास हो रहा है और रोजगार की संभावनाएं बढ़ रही हैं।
मंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए यह सहयोग भविष्य के कार्य के लिए अमृत पीढ़ी तैयार करने पर केंद्रित है। कौशल पारिस्थितिकी तंत्र को अधिक सुलभ, नवीन और लचीला बनाने के लिए ये साझेदारियां शिक्षा और उद्योग-अकादमिक संबंधों में एक नए युग की शुरुआत करेंगी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने इस दौरान कहा कि इन सहयोगों के माध्यम से भारत के युवाओं को आईटी, सीएसआर और प्रौद्योगिकी जैसे उद्योगों में सशक्त बनाया जाएगा। इन क्षेत्रों में करियर बनाने वाले छात्रों को काफी फायदा होगा, क्योंकि उन्हें उद्योगों में व्यापक अनुभव मिलेगा। जिससे उद्योग की जरूरतों के अनुरूप व्यापक कौशल विकसित करने में भी मदद मिलेगी।
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