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शिक्षा मंत्रालय ने तेजपुर विश्वविद्यालय के कुलपति को विरोध प्रदर्शनों के बीच छुट्टी पर भेजा, जांच समिति गठित

Press Trust of India | January 1, 2026 | 07:25 PM IST | 2 mins read

मंत्रालय ने आईआईटी, गुवाहाटी के डिजाइन विभाग के अमरेंद्र कुमार दास को तेजपुर विश्वविद्यालय का कार्यवाहक कुलपति नियुक्त किया है।

जांच समिति को 3 महीने के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। (प्रतीकात्मक-विकिमीडिया कॉमन्स)
जांच समिति को 3 महीने के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। (प्रतीकात्मक-विकिमीडिया कॉमन्स)

नई दिल्ली: शिक्षा मंत्रालय ने छात्रों और शिक्षकों द्वारा पिछले तीन महीने से जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच तेजपुर विश्वविद्यालय के कुलपति शंभूनाथ सिंह को छुट्टी पर जाने का आदेश दिया है और उनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए एक समिति गठित करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

विश्वविद्यालय में सितंबर के मध्य से ही सिंह द्वारा कथित तौर पर की गई अनियमितताओं के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को अपने आंदोलन के 100 दिन पूरे होने पर 24 घंटे की भूख हड़ताल की।

शिक्षा मंत्रालय के अधिकारी ने कहा, ‘‘मौजूदा स्थिति से संबंधित सभी मामलों की जांच के लिए 3 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है, कुलपति तत्काल अवकाश पर चले जाएंगे तथा जांच पूरी होने तक अवकाश पर बने रहेंगे।’’

Tezpur University: 3 सदस्यीय जांच समिति का गठन

जांच समिति को 3 महीने के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। इस समिति की अध्यक्षता मणिपुर विश्वविद्यालय के कुलपति एन. लोकेंद्र सिंह करेंगे। समिति के अन्य दो सदस्य नगालैंड विश्वविद्यालय के कुलपति जगदीश कुमार पटनायक और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के सचिव मनीष आर. जोशी हैं।

इस बीच, मंत्रालय ने आईआईटी, गुवाहाटी के डिजाइन विभाग के अमरेंद्र कुमार दास को तेजपुर विश्वविद्यालय का कार्यवाहक कुलपति नियुक्त किया है। असम के तेजपुर विश्वविद्यालय में सितंबर के मध्य से ही तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।

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छात्र कुलपति, विश्वविद्यालय पर लगा रहे आरोप

छात्र कुलपति और विश्वविद्यालय अधिकारियों पर मशहूर गायक जुबिन गर्ग के निधन पर राज्य के शोक के बीच भी उन्हें उचित सम्मान न देने का आरोप लगा रहे हैं। वित्तीय अनियमितताओं के अलावा, छात्र सिंह के प्रशासन के दौरान परिसर में कथित तौर पर पेड़ों की कटाई और पारिस्थितिक तंत्र को नुकसान पहुंचाने का भी विरोध कर रहे हैं।

22 सितंबर को विश्वविद्यालय में छात्रों के साथ तीखी बहस और कहासुनी के बाद कुलपति परिसर से अनुपस्थित रहे। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि सिंह को मौके से जाना पड़ा। सितंबर में विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद से कम से कम 11 संकाय सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा दिया है।

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