Santosh Kumar | January 1, 2026 | 02:40 PM IST | 1 min read
बैच की ओर से फंडरेजिंग लीड रोहित दुबे ने कहा, "अब समय आ गया है कि हम अगली पीढ़ी के वैज्ञानिकों, उद्यमियों और टेक्नोक्रेट्स को आकार देने में योगदान दें।"

नई दिल्ली: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) दिल्ली के 2000 बैच के पूर्व छात्रों ने अपने कॉलेज को रिकॉर्ड तोड़ डोनेशन देने की घोषणा की है। अपनी सिल्वर जुबली रीयूनियन के दौरान, इस बैच ने इंस्टीट्यूट को ₹70 करोड़ से अधिक देने का वादा किया, जो किसी एक बैच द्वारा दिया गया अब तक का सबसे बड़ा योगदान है। यह घोषणा आईआईटी दिल्ली कैंपस में आयोजित सिल्वर जुबली समारोह के दौरान की गई।
इस समारोह के दौरान, भारत और विदेश से सैकड़ों पूर्व छात्र पुराने दिनों को याद करने के लिए इकट्ठा हुए। कैंपस का दौरा, फैकल्टी के साथ बातचीत और मौजूदा छात्रों से मुलाक़ात ने इस कार्यक्रम को खास बनाया।
बैच की ओर से फंडरेजिंग लीड रोहित दुबे ने कहा, "अब समय है कि हम आगे की पीढ़ी के वैज्ञानिकों, उद्यमियों और टेक्नोक्रेट्स को आकार देने में योगदान दें। यह सिर्फ राशि का मामला नहीं, बल्कि भागीदारी और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक है।"
आईआईटी दिल्ली के डीन प्रोफेसर नीलांजन सेनरॉय ने इस घोषणा का स्वागत करते हुए कहा, "2000 बैच का यह असाधारण योगदान अनुसंधान, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगा तथा भावी बैचों के लिए प्रेरणा बनेगा।"
इस फंडिंग का इस्तेमाल इंस्टीट्यूट की एकेडमिक एक्सीलेंस को बेहतर बनाने, रिसर्च क्षमताओं को बढ़ाने के लिए किया जाएगा। आईआईटी दिल्ली की ग्रोथ और डेवलपमेंट में पूर्व छात्रों का योगदान अहम भूमिका निभाता रहा है।
एम्स-जम्मू के कार्यकारी निदेशक प्रो. शक्ति कुमार गुप्ता ने कहा कि ट्रॉमा विज्ञान में 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' और 'इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉमेटोलॉजी' स्थापित करने का प्रस्ताव मंत्रालय को भेज दिया गया है। ऐसा संस्थान भारत में मौजूद नहीं है।”
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