Press Trust of India | September 23, 2026 | 09:22 PM IST | 2 mins read
विज्ञप्ति के अनुसार उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड और दिल्ली के दर्जनों संदिग्ध परीक्षा केंद्र इस धांधली में शामिल हैं।

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (UP STF) की नोएडा इकाई ने कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की ऑनलाइन परीक्षाओं में ‘प्रॉक्सी सर्वर’ के जरिए नकल कराने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ ने एक विज्ञप्ति में बताया कि परीक्षा केंद्र चयन करने वाली कंपनी असेस इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के दो निदेशकों को गिरफ्तार किया है।
विज्ञप्ति के अनुसार, 22 सितंबर को एसटीएफ टीम ने एसएससी ऑनलाइन परीक्षा में धांधली करने वाले गिरोह के 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इन आरोपियों से मिली जानकारी और बरामद उपकरणों के आधार पर नॉलेज पार्क, गौतम बुद्ध नगर में दर्ज मामले में असेस इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के दो निदेशकों डायरेक्टरों को भी गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गगनदीप शर्मा और यादवेंद्र सिंह के रूप में हुई है। दोनों को 22 सितंबर को दोपहर 3:00 बजे एसटीएफ कार्यालय, सूरजपुर, गौतमबुद्धनगर से गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि इसी कंपनी ने ग्रेटर नोएडा स्थित बालाजी डिजिटल जोन कंप्यूटर लैब को एसएससी परीक्षा केंद्र के रूप में चिह्नित किया था।
इस परीक्षा केंद्र पर 2025 से अब तक एसएससी की कुल 16 परीक्षाएं आयोजित की गई हैं, लेकिन इन परीक्षाओं के आयोजन के लिए असेस इंफ्रा द्वारा बालाजी डिजिटल जोन को निर्धारित शुल्क का भुगतान नहीं किया गया। विज्ञप्ति के अनुसार उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड और दिल्ली के दर्जनों संदिग्ध परीक्षा केंद्र इस धांधली में शामिल हैं।
एसटीएफ के अनुसार, अप्रैल 2026 में देहरादून स्थित महादेव डिजिटल जोन नामक कंप्यूटर लैब में भी इसी प्रकार प्रॉक्सी सर्वर लगाकर अभ्यर्थियों को नकल कराए जाने का मामला सामने आया था।
इस संबंध में थाना कोतवाली, देहरादून में मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें मुख्य आरोपी के रूप में प्रदीप चौहान का नाम सामने आया था। इसके बावजूद असेस इंफ्रा द्वारा प्रदीप चौहान की ग्रेटर नोएडा स्थित दूसरी लैब बालाजी डिजिटल जोन को फिर से परीक्षा केंद्र के रूप में चिह्नित किया गया।