शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा न देने पर 6 जून के विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे सोनम वांगचुक
Press Trust of India | June 3, 2026 | 07:27 AM IST | 2 mins read
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 'एक्स' पर कहा, ''सोनम वांगचुक कॉकरोच आंदोलन में शामिल हो गए हैं ! हम सभी कॉकरोच के लिए यह बहुत बड़ा सम्मान है! 6 जून को आपसे मिलने के लिए उत्सुक हूं। जय हिंद।"
नई दिल्ली: शिक्षा सुधारक और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा कि अगर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान 5 जून तक इस्तीफा नहीं देते हैं, तो वह इस्तीफे की मांग को लेकर 6 जून को दिल्ली में होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे। सोनम वांगचुक ने अपने फैसले के पीछे शिक्षा की स्थिति और देश में सुधारों के कार्यान्वयन को लेकर व्यापक चिंताओं का हवाला दिया। युवाओं द्वारा संचालित सोशल मीडिया आंदोलन 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी), जिसने जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है, ने वांगचुक की घोषणा का स्वागत किया।
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 'एक्स' पर कहा, ''सोनम वांगचुक कॉकरोच आंदोलन में शामिल हो गए हैं ! हम सभी कॉकरोच के लिए यह बहुत बड़ा सम्मान है! 6 जून को आपसे मिलने के लिए उत्सुक हूं। जय हिंद।"
इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए संदेश में वांगचुक ने कहा कि उन्होंने दीपके से बात की और उनसे यह आश्वासन मांगा कि यह आंदोलन भारतीय युवाओं की आवाज को प्रदर्शित करता है और किसी "विदेशी ताकतों" से प्रभावित नहीं है।
शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने क्या कहा?
शिक्षा सुधारक और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा, "उनसे बात करने के बाद, मुझे सचमुच लगा कि उनकी कोई गलत मंशा नहीं है। वह बड़े देशभक्त हैं। असल में, वह देश की बेहतरी के लिए बलिदान दे रहे हैं।''
ग्रामीण विद्यालयों और प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा का जिक्र करते हुए वांगचुक ने तर्क दिया कि आज ग्रामीण विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों की स्थिति ही यह निर्धारित करेगी कि 'विकसित भारत' का सपना साकार हो पाएगा या नहीं।
5 जून को इस्तीफा नहीं तो 6 जून को धरना
परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को गंभीर मुद्दा बताते हुए उन्होंने कहा कि इसके बाद कौन से सुधार होंगे। जवाबदेही की मांग करते हुए वांगचुक ने कहा कि लोकतंत्र में, ऐसी विफलताएं होने पर शिक्षा मंत्रियों को इस्तीफा दे देना चाहिए।
उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में ऐसा होगा, या तो बदलाव होगा या इस्तीफा। अगर 5 जून तक भी ऐसा नहीं होता है, तो मुझे 6 जून को दिल्ली में आप सभी के साथ यह अनुरोध करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।''
6 जून के प्रदर्शन की घोषणा दीपके ने की है। उन्होंने कहा है कि वह परीक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था में कथित खामियों को लेकर प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू करने के लिए भारत लौट रहे हैं।
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ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा), क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) के कार्यकर्ता इस प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शन में नीट, सीयूईटी, एसएससी और सीबीएसई जैसी परीक्षाओं में अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग की गई।
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