Rajasthan News: 8वीं बोर्ड परीक्षा के लिए दिशा-निर्देश जारी, परीक्षा पास करने के लिए न्यूनतम अंक जरूरी
Santosh Kumar | February 2, 2025 | 02:35 PM IST | 1 min read
इन परीक्षाओं में न्यूनतम अर्हता अंक प्राप्त न करने वाले अभ्यर्थियों को अगली कक्षा में प्रवेश नहीं मिलेगा। छात्रों को संबंधित विषय में अधिकतम 5% तक ग्रेस अंक दिए जा सकते हैं।
नई दिल्ली: राजस्थान प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने आठवीं बोर्ड परीक्षा की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इन परीक्षाओं के सफल आयोजन के लिए विभिन्न एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है और दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत परीक्षा में न्यूनतम उत्तीर्ण अंक नहीं लाने वाले परीक्षार्थियों को अगली कक्षा में प्रवेश नहीं मिलेगा। ऐसे परीक्षार्थियों को संबंधित विषय में अधिकतम 5 प्रतिशत तक ग्रेस अंक दिए जा सकते हैं।
बोर्ड ने अपने आधिकारिक 'X' हैंडल पर इसकी घोषणा की। बोर्ड ने पोस्ट में लिखा, "8वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इन परीक्षाओं में न्यूनतम उत्तीर्ण अंक नहीं लाने वाले अभ्यर्थियों को अगली कक्षा में प्रवेश नहीं मिलेगा।"
बोर्ड ने कहा कि ऐसे परीक्षार्थियों को संबंधित विषय में अधिकतम 5% ग्रेस अंक दिए जा सकते हैं। इसका मतलब यह है कि आठवीं बोर्ड परीक्षा में न्यूनतम उत्तीर्ण अंक नहीं लाने वाले परीक्षार्थियों को अगली कक्षा में प्रवेश नहीं मिलेगा।
जिन अभ्यर्थियों को दो विषयों में न्यूनतम उत्तीर्ण अंक नहीं मिलेंगे, उन्हें दो-दो अंक देकर ग्रेस मार्क्स दिए जा सकेंगे। इससे कम अंक होने पर ऐसे अभ्यर्थियों को अगली कक्षा में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। ग्रेस मार्क्स का प्रावधान केवल मुख्य परीक्षा में होगा।
राज्य स्तरीय प्रबोधन के लिए पंजीयक शिक्षा विभागीय परीक्षाएं को नोडल बनाया गया है। वे संपूर्ण परीक्षा व्यवस्थाओं को देखेंगे। इसमें पेपरों की छपाई, वितरण, परीक्षा केंद्रों का निर्धारण, परीक्षा परिणाम जारी करना शामिल है।
पेपर कुल 100 अंकों का होगा। सत्रवार अंकों के 20 अंकों में से 5 अंक उपस्थिति के लिए तथा 15 अंक प्रथम, द्वितीय परीक्षा, अर्द्धवार्षिक परीक्षा, नो बैग गिव गतिविधियों तथा वृक्षारोपण में छात्र की भूमिका के आधार पर दिए जाएंगे।
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