Press Trust of India | April 6, 2026 | 10:05 PM IST | 1 min read
रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि परीक्षा देने वाले और वास्तविक अभ्यर्थियों के हस्ताक्षर मेल नहीं खाते, जिससे 'डमी' अभ्यर्थियों द्वारा परीक्षा देने की पुष्टि हुई।

जयपुर: राजस्थान बीएसटीसी (प्री डीएलएड/बीएलएड) परीक्षा 2019 और 2020 में अपनी जगह दूसरे से परीक्षा दिलवाने के मामले में विशेष अभियान समूह (एसओजी) ने कार्रवाई करते हुए 12 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है। एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल ने बताया कि पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की जा रही थी और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
यह मामला 2021 में संज्ञान में आया जब रोहट थाना पुलिस ने एक आरोपी अशोक सारण को गिरफ्तार किया। उसके पास से ऐसे दस्तावेज मिले, जिनसे खुलासा हुआ कि अभ्यर्थी पैसे देकर अपने स्थान पर 'डमी' अभ्यर्थियों से परीक्षा दिलवा रहे थे।
इसके बाद एसओजी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पंजीयक शिक्षा विभागीय परीक्षाएं, बीकानेर से मूल दस्तावेज मंगवाए गए तथा संदिग्ध अभ्यर्थियों के हस्ताक्षर व लिखावट लेकर विधि विज्ञान प्रयोगशाला से मिलान कराया गया।
रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि परीक्षा देने वाले और वास्तविक अभ्यर्थियों के हस्ताक्षर मेल नहीं खाते, जिससे 'डमी' अभ्यर्थियों द्वारा परीक्षा देने की पुष्टि हुई। उन्होंने बताया कि पूरे राज्य में विशेष अभियान के तहत 12 आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
बंसल ने बताया कि आरोपियों ने 'डमी' उम्मीदवारों से सांठगांठ की और मोटी रकम देकर परीक्षा दिलवाई। उन्होंने बताया कि मामले में आरोपियों की विस्तृत भूमिका और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश के लिए जांच जारी है।
बीटेक कार्यक्रम में प्रवेश जेईई मेन परीक्षा के आधार पर दिया जाएगा, जबकि एमए, एमएससी, एमपीएच, एमटेक, पीजी डिप्लोमा और एडवांस्ड डिप्लोमा कार्यक्रमों में प्रवेश चाहने वाले उम्मीदवारों को सीयूईटी (पीजी) परीक्षा में शामिल होना होगा।
Santosh Kumar