QS World University Ranking: विश्वविद्यालयों के अच्छे प्रदर्शन के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को सराहा
Santosh Kumar | June 7, 2024 | 11:59 AM IST | 2 mins read
नुन्ज़ियो क्वाक्वेरेली ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों में क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में भारतीय विश्वविद्यालयों के प्रदर्शन में निरंतर सुधार देखा गया है।
नई दिल्ली: कार्यवाहक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में भारतीय विश्वविद्यालयों के अच्छे प्रदर्शन के लिए शिक्षा क्षेत्र और छात्रों की प्रशंसा की है। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से क्यूएस क्वाक्वेरेली साइमंड्स लिमिटेड के सीईओ और प्रबंध निदेशक नुन्ज़ियो क्वाक्वेरेली के पोस्ट को रीपोस्ट करके अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
नुन्ज़ियो क्वाक्वेरेली ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों में क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में भारतीय विश्वविद्यालयों के प्रदर्शन में निरंतर सुधार देखा गया है। उन्होनें यह भी कहा कि 2015 में 11 संस्थानों की तुलना में अब 46 संस्थान हैं, जो 10 वर्षों में 318% की वृद्धि है, जो जी-20 में सर्वश्रेष्ठ है।"
इस पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए कार्यवाहक पीएम मोदी ने लिखा, "पिछले दशक में, हमने शिक्षा क्षेत्र में गुणात्मक बदलावों पर ध्यान केंद्रित किया है। यह क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में परिलक्षित होता है। छात्रों, शिक्षकों और संस्थानों को उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण के लिए बधाई। इस कार्यकाल में, हम अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए और भी अधिक काम करना चाहते हैं।"
क्वैक्वेरेली साइमंड्स (क्यूएस) द्वारा बुधवार (5 जून) को जारी क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2025 से पता चला है कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे और दिल्ली ने वैश्विक स्तर पर शीर्ष 150 विश्वविद्यालयों में स्थान प्राप्त किया है।
आईआईटी बॉम्बे ने 31 रैंक की बढ़ोतरी के साथ 149 से 118 तक अपनी रैंक में उल्लेखनीय सुधार किया है, जबकि आईआईटी दिल्ली 47 अंकों की बढ़त के साथ वैश्विक स्तर पर 150वें स्थान पर पहुंच गई है। इसके अलावा मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) ने QS रैंकिंग में वैश्विक स्तर पर शीर्ष स्थान बनाए रखा है, जो लगातार 13वें वर्ष शीर्ष पर है।
दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) को अपने स्नातकों की रोजगार क्षमता के लिए जाना जाता है, जिसने रोजगार परिणामों की श्रेणी में वैश्विक स्तर पर 44वां स्थान हासिल किया है। रैंकिंग वाले विश्वविद्यालयों की संख्या के मामले में भारत एशिया में तीसरे स्थान पर है, जापान में 49 विश्वविद्यालय और चीन (मुख्यभूमि) में 71 विश्वविद्यालय हैं।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- NEET Retest 2026: नीट रीटेस्ट कल, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद; गाइडलाइंस जारी, एनटीए की आज देशभर में मॉक ड्रिल
- CBSE OSM Controversy: सीबीएसई चेयरमैन व सचिव का तबादला, केजरीवाल ने कहा- छात्रों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा
- संसदीय समिति ने नीट मामले पर एनटीए अधिकारियों से पूछे तीखे सवाल, एजेंसी बोली- ‘हमारे सिस्टम से नहीं हुआ लीक’
- बिहार में खुलेगा राष्ट्रीय कला विश्वविद्यालय, ‘भोजपुरी के शेक्सपियर’ भिखारी ठाकुर के नाम पर बनेगा म्यूजियम
- NEET Exam: नीट की कंप्यूटर आधारित परीक्षा से गड़बड़ियों पर लगेगी रोक, बोले पूर्व यूजीसी अध्यक्ष जगदीश कुमार
- JEE Main 2026 Session 2: जेईई मेन सेशन 2 के लिए परसेंटाइल, रॉ मार्क्स व नॉर्मलाइजेशन का सरल विश्लेषण जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी भोपाल में बीटेक प्रवेश के लिए जेईई मेन में कितने अंक होने चाहिए; जानें कटऑफ, फीस, पैकेज
- JEE Main 2026 Cutoff for General Category: जेईई मेन 2026 के लिए सामान्य कैटेगरी की अपेक्षित कटऑफ जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी पटना के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? जानें पात्रता, फीस, कटऑफ, औसत पैकेज
- JEE Main 2026: एनआईटी इलाहाबाद में प्रवेश के लिए जेईई मेन में कितने अंक चाहिए? पात्रता, फीस और कटऑफ जानें