Saurabh Pandey | September 23, 2026 | 11:42 AM IST | 2 mins read
कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) ने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप स्कीम (PMIS) स्कीम शुरू की है। इसका मकसद युवाओं को असल दुनिया के काम के माहौल का अनुभव देकर क्लासरूम की पढ़ाई और काम की जरूरतों के बीच के अंतर को कम करना है।
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नई दिल्ली : देश भर के युवाओं को बड़ी कंपनियों में प्रैक्टिकल अनुभव और कॉर्पोरेट एक्सपोजर देने के मकसद से कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने 'प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PMIS) शुरू की है, जिसके लिए आवेदन प्रक्रिया चल रही है। कॉर्पोरेट मंत्रालय (MCA) द्वारा संचालित इस योजना के जरिए पात्र उम्मीदवार पीएम इंटर्नशिप के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर देश के शीर्ष सार्वजनिक और निजी कंपनियों में पेड इंटर्नशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं।
पीएम इंटर्नशिप स्कीम 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन फ्री है और यह युवा भारतीयों को अलग-अलग सेक्टर की कंपनियों में पेड इंटर्नशिप के ज़रिए प्रैक्टिकल इंडस्ट्री अनुभव पाने का मौका दे रही है।
पीएम इंटर्नशिप योजना की पायलट परियोजना को वित्त वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान दो चरणों में लागू किया गया था। अब इस पायलट प्रोजेक्ट को दिसंबर 2026 तक बढ़ा दिया गया है, जिसमें 1.10 लाख इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करने का लक्ष्य है। इस पायलट परियोजना में कंपनियों की साझेदारी स्वैच्छिक है।
पीएम इंटर्नशिप योजना की अवधि इंटर्नशिप की प्रकृति, क्षेत्र और कंपनी की आवश्यकता के आधार पर 6 या 9 महीने होगी। इंटर्नशिप अवधि का कम से कम आधा हिस्सा वास्तविक कार्य अनुभव/कार्य वातावरण में बिताया जाना चाहिए, न कि कक्षा में। पायलट प्रोजेक्ट के मौजूदा इंटर्न के लिए इंटर्नशिप की अवधि 12 महीने रहेगी।
इंटर्नशिप की पूरी अवधि के लिए इंटर्न को 9,000 रुपये प्रति माह की मासिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें से, प्रत्येक महीने कंपनी द्वारा अपने सीएसआर निधि अथवा स्वयं की निधि से प्रत्येक इंटर्न को कुल मासिक सहायता का 10 प्रतिशत, यानी 900, का भुगतान किया जाएगा। कंपनी/संगठन द्वारा भुगतान किए जाने के बाद सरकार अपनी 8,100 की हिस्सेदारी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से इंटर्न के आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजेगी। यदि कोई कंपनी या संगठन 900 से अधिक मासिक सहायता प्रदान करना चाहता है, तो वह अपने स्वयं की निधि से ऐसा कर सकता है।
कुल 10,644 पदों के लिए परीक्षा 5 जुलाई को हुई। स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण नतीजों में देरी हुई। अब जब चुनाव प्रक्रिया पूरी हो गई है। बोर्ड ने नतीजे जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है।
Santosh Kumar