संसदीय समिति ने सभी 65 शिक्षा बोर्डों के लिए एकीकृत नियामक ढांचा बनाने की सिफारिश की
Press Trust of India | August 14, 2026 | 03:37 PM IST | 2 mins read
समिति ने कहा कि भारत में 65 स्कूली शिक्षा बोर्ड कार्यरत हैं, जिन्हें राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर नियमित तथा मुक्त विद्यालयी बोर्ड में बांटा गया है।
नई दिल्ली: संसदीय समिति ने नई शिक्षा नीति के अनुरूप सभी 65 शिक्षा बोर्डों के कामकाज, मूल्यांकन के तरीकों और साझा पाठ्यक्रम को एक जैसा बनाने के लिए एक एकीकृत राष्ट्रीय रेगुलेटरी फ्रेमवर्क बनाने की सिफारिश की है। यह सिफारिश ''देश में सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने से संबंधित बजटीय एवं नीतिगत पहलुओं, जिसमें केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की समीक्षा भी शामिल है'' विषय पर प्राक्कलन समिति (2026-27) की दसवीं रिपोर्ट (18वीं लोकसभा) का हिस्सा है। रिपोर्ट बुधवार को लोकसभा में पेश की गई।
देश में कुल 65 स्कूली बोर्ड हैं, जिन्हें राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर नियमित तथा मुक्त विद्यालयी बोर्ड में बांटा गया। सीबीएसई के तहत 27,000 से अधिक स्कूल, सीआईएससीई के तहत 2,300 से अधिक स्कूल और एनआईओएस शामिल हैं।''
इसमें कहा गया कि ''राष्ट्रीय स्तर के बोर्ड के अलावा प्रत्येक राज्य में राज्य बोर्ड हैं तथा इंटरनेशनल बैकलॉरिएट (आईबी) और कैम्ब्रिज असेसमेंट इंटरनेशनल एजुकेशन (सीएआईई) जैसे अंतरराष्ट्रीय बोर्ड भी भारत में संचालित होते हैं।
प्राइवेट छात्रों के लिए नियामक तंत्र उपलब्ध नहीं
समिति ने कहा कि सीबीएसई और सीआईएससीई स्कूलों में मजबूत गुणवत्ता व्यवस्था बनाए रखते हैं, वहीं कई राज्य व ओपन स्कूल शिक्षा प्रणालियां अलग-अलग मूल्यांकन तंत्र, पाठ्यक्रम मानकों और संचालन क्षमता के साथ काम कर रही हैं।
समिति ने कहा कि प्राइवेट एजुकेशन बोर्ड के गठन और विस्तार की निगरानी के लिए नियामक तंत्र उपलब्ध नहीं है। निगरानी की इस कमी का असर छात्रों के भविष्य और देश में सेकेंडरी एजुकेशन की क्वालिटी पर पड़ सकता है।
समिति ने कहा कि इससे ''विश्वविद्यालय और पेशेवर शिक्षा में सीट हासिल करने के लिए प्रतिस्पर्धा करने वाले छात्रों के ज्ञान में असमानता पैदा हो सकती है।'' समिति ने एकीकृत राष्ट्रीय नियामक ढांचा स्थापित करने की पुरजोर सिफारिश की।
समिति ने सिफारिश की कि अनधिकृत निजी स्कूल संस्थानों और बोर्ड की बढ़ती संख्या पर अंकुश लगाने के लिए मंत्रालय को किसी भी नये बोर्ड को मान्यता देने से पहले कड़ी एकल-खिड़की मंजूरी व्यवस्था अनिवार्य करनी चाहिए।
अगली खबर
]CGBSE Supplementary Results 2026: सीजीबीएसई कक्षा 10वीं-12वीं सप्लीमेंट्री एग्जाम रिजल्ट cgbse.nic.in पर घोषित
छात्र अब अपना रोल नंबर और जरूरी जानकारी डालकर ऑनलाइन नतीजे देख सकते हैं। ये परीक्षाएं उन छात्रों के लिए आयोजित की गई जो मुख्य परीक्षाओं में एक या दो विषयों में फेल हो गए थे।
Santosh Kumar | 2 mins readविशेष समाचार
]- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार
- NEET Paper Leak: एक नहीं कई बार लीक हो चुका है नीट का पेपर; जानिए काला सच
- AISHE Reports: अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण रिपोर्ट वर्ष 2022-23 और 2023-24 के लिए जारी
- UDISE Report: वर्ष 2023-24 और 2025-26 के बीच सरकारी स्कूलों में दाखिले में लगभग 86 लाख की कमी आई
- NEET Retest 2026: नीट रीटेस्ट कल, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद; गाइडलाइंस जारी, एनटीए की आज देशभर में मॉक ड्रिल
- CBSE OSM Controversy: सीबीएसई चेयरमैन व सचिव का तबादला, केजरीवाल ने कहा- छात्रों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा
- संसदीय समिति ने नीट मामले पर एनटीए अधिकारियों से पूछे तीखे सवाल, एजेंसी बोली- ‘हमारे सिस्टम से नहीं हुआ लीक’
- बिहार में खुलेगा राष्ट्रीय कला विश्वविद्यालय, ‘भोजपुरी के शेक्सपियर’ भिखारी ठाकुर के नाम पर बनेगा म्यूजियम