NEET UG 2026: जानिए किस विषय से पूछे जाएंगे कितने सवाल, एनटीए ने समझाया परीक्षा पैटर्न, मार्किंग रूल्स
Saurabh Pandey | June 19, 2026 | 08:38 AM IST | 2 mins read
एनटीए ने नीट यूजी 2026 के लिए 720 अंकों का पुराना पैटर्न दोहराया है, जिसमें प्रत्येक सही उत्तर पर +4 अंक मिलेंगे और गलत उत्तर पर -1 अंक की नेगेटिव मार्किंग होगी।
नई दिल्ली : नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट अंडरग्रेजुएट (NEET UG) 2026 के लिए परीक्षा पैटर्न और मार्किंग स्कीम को लेकर एक बार फिर स्थिति स्पष्ट कर दी है। एनटीए द्वारा जारी इस आधिकारिक स्पष्टीकरण का उद्देश्य मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे लाखों उम्मीदवारों को एक स्पष्ट रूपरेखा प्रदान करना है, ताकि वे बिना किसी भ्रम के अपनी तैयारी को आगे बढ़ा सकें। यह अपडेट ऐसे समय में आया है जब देश भर के छात्र आगामी नीट यूजी री-एग्जाम की तैयारियों में जुटे हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर एक हालिया पोस्ट साझा करते हुए एनटीए ने बताया कि नीट यूजी 2026 में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी विषयों के बीच एक संतुलित संरचना को अपनाया गया है। परीक्षा में कुल 180 प्रश्न पूछे जाएंगे, जो कुल 720 अंकों के होंगे। प्रश्नों के वितरण में कोई बदलाव नहीं किया गया है; फिजिक्स और केमिस्ट्री दोनों विषयों को बराबर वेटेज दिया गया है, जबकि बायोलॉजी (जीव विज्ञान) अकेले कुल अंकों के आधे हिस्से (50%) का प्रतिनिधित्व करेगी।
विषयवार प्रश्नों और अंकों का गणित
एनटीए द्वारा निर्धारित पैटर्न के अनुसार, परीक्षा का विषयवार वर्गीकरण इस प्रकार है-
- फिजिक्स: 45 प्रश्न (180 अंक)
- केमिस्ट्री: 45 प्रश्न (180 अंक)
- बायोलॉजी: 90 प्रश्न (360 अंक)
एनटीए ने बताया वन फेयर फील्ड
इन तीनों विषयों को मिलाकर कुल 180 प्रश्न और 720 अंक तय किए गए हैं। एजेंसी ने एक इन्फोग्राफिक जारी कर इस प्रारूप को "वन फेयर फील्ड" (One Fair Field) बताया है, जो यह दर्शाता है कि सभी उम्मीदवारों को परीक्षा के दौरान एक समान और मानकीकृत (Standardized) संरचना का सामना करना होगा।
क्या है मार्किंग स्कीम और नेगेटिव मार्किंग का नियम
एनटीए ने परीक्षा के लिए स्कोरिंग पद्धति को दोहराते हुए बताया कि प्रत्येक सही उत्तर के लिए उम्मीदवार को +4 अंक दिए जाएंगे। वहीं, प्रत्येक गलत उत्तर के लिए -1 अंक की कटौती (नेगेटिव मार्किंग) की जाएगी। यदि कोई छात्र किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देता है, तो उसके लिए कोई अंक नहीं दिए जाएंगे। इस नेगेटिव मार्किंग सिस्टम के कारण परीक्षा में सटीकता बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि केवल अनुमान या तुक्के लगाने से उम्मीदवार का कुल स्कोर और रैंक नीचे गिर सकती है।
छात्र घर ले जा सकेंगे टेस्ट बुकलेट
एजेंसी ने उम्मीदवारों की सुविधा के लिए एक और महत्वपूर्ण बात को रेखांकित किया है। परीक्षा समाप्त होने के बाद उम्मीदवारों को अपनी टेस्ट बुकलेट (प्रश्न पत्र) अपने साथ घर ले जाने की अनुमति होगी। एनटीए के अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता को बढ़ावा देना है, ताकि छात्र टेस्ट के बाद अपने उत्तरों की समीक्षा और मिलान आसानी से कर सकें।
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