Press Trust of India | January 7, 2026 | 10:30 AM IST | 1 min read
एनएमसी का यह फैसला तुरंत लागू हो गया है। बीजेपी नेता और विधायक आर.एस. पठानिया ने कहा, “हम एनएमसी के फैसले का स्वागत करते हैं।"

नई दिल्ली: राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) के चिकित्सा मूल्यांकन और रेटिंग बोर्ड (एमएआरबी) ने जम्मू-कश्मीर के रियासी में श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस को दिया गया अनुमति पत्र न्यूनतम मानकों का पालन नहीं करने पर वापस ले लिया है।
बोर्ड ने आदेश जारी किया जिसमें कहा गया है कि शिक्षण वर्ष 2025-26 के लिए काउंसलिंग के दौरान कॉलेज में प्रवेश लेने वाले सभी छात्रों को केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के सक्षम प्राधिकार द्वारा जम्मू-कश्मीर के अन्य चिकित्सा संस्थानों में अतिरिक्त सीट (सुपरन्यूमरेरी) के तौर पर समायोजित किया जाएगा।
इसका मतलब है कि प्रवेश लेने वाले किसी भी छात्र को अनुमति वापस लेने के फैसले की वजह से एमबीबीएस सीट नहीं गंवानी पड़ेगी। इसके बजाय, उन्हें जम्मू-कश्मीर के दूसरे मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों में उनके नियमित स्वीकृत प्रवेश के अलावा समायोजित किया जाएगा।
आदेश के मुताबिक एक औचक निरीक्षण के दौरान यह गैर-अनुपालन की बात सामने आई। एनएमसी का यह फैसला तुरंत लागू हो गया है। बीजेपी नेता और विधायक आर.एस. पठानिया ने कहा, “हम एनएमसी के फैसले का स्वागत करते हैं।"
उन्होंने कहा, "एनएमसी ने कॉलेज में 50 एमबीबीएस सीटों की परमिशन रद्द कर दी है। हर प्रभावित स्टूडेंट को बिना किसी दिक्कत के सुपरन्यूमरेरी सीटों पर दूसरे यूटी कॉलेजों में ट्रांसफर किया जाएगा।"