Saurabh Pandey | June 23, 2026 | 12:37 PM IST | 2 mins read
एनएमसी ने देश भर में मेडिकल पीजी डिप्लोमा कोर्स को पूरी तरह बंद कर शैक्षणिक सत्र 2027-28 से इन्हें एमडी/एमएस डिग्री सीटों में बदलने का निर्णय लिया है। इस ऐतिहासिक कदम का उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना और देश भर में विशेषज्ञ प्रशिक्षण के स्तर में एकरूपता लाना है।

नई दिल्ली : देश में पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल शिक्षा के स्तर को सुधारने और उसमें एकरूपता लाने के लिए राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। एनएमसी के पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड (PGMEB) द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, देश के सभी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों में चल रहे सभी पोस्ट ग्रेजुएट (PG) डिप्लोमा कोर्स पूरी तरह से बंद कर दिए जाएंगे।
इन सभी डिप्लोमा सीटों को अब पोस्ट ग्रेजुएट ब्रॉड स्पेशलिटी डिग्री सीटों यानी एमडी (MD) और एमएस (MS) में बदल दिया जाएगा। यह व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2027-28 से पूरी तरह प्रभावी होगी।
एनएमसी के सचिव डॉ. राघव लंगर द्वारा जारी पत्र और 19 जून 2026 के पब्लिक नोटिस के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2026-27 देश में पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आखिरी साल होगा। शैक्षणिक सत्र 2027-28 से किसी भी मेडिकल संस्थान को पीजी डिप्लोमा कोर्स में दाखिला देने की अनुमति नहीं होगी और इसके बाद ये कोर्स पूरी तरह से बंद हो जाएंगे। आयोग ने यह भी साफ किया है कि अब डिप्लोमा की नई सीटें शुरू करने या सीटों की संख्या बढ़ाने के किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
आयोग ने यह कदम मेडिकल शिक्षा के मानकीकरण, विशेषज्ञ प्रशिक्षण की गुणवत्ता और पहचान बढ़ाने और मौजूदा संसाधनों का बेहतर उपयोग करने के लिए उठाया है। बोर्ड ने देखा कि कई मेडिकल कॉलेजों में एक ही विभाग या स्पेशलिटी में डिप्लोमा और डिग्री (MD/MS) दोनों कोर्स चल रहे हैं, जबकि कुछ में केवल डिप्लोमा है। ऐसे कई संस्थानों के पास पहले से ही बेहतर बुनियादी ढांचा, फैकल्टी और क्लिनिकल मटेरियल मौजूद है, जिससे इन डिप्लोमा सीटों को आसानी से डिग्री सीटों में बदला जा सकता है।
जो भी मेडिकल कॉलेज या संस्थान वर्तमान में पीजी डिप्लोमा कोर्स चला रहे हैं और उन्हें एमडी/एमएस (MD/MS) सीटों में बदलना चाहते हैं, उन्हें मेडिकल एसेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) के पास आवेदन करना होगा। इसके लिए एमएआरबी (MARB) द्वारा एनएमसी के आधिकारिक पोर्टल पर एक ऑनलाइन विंडो/मॉड्यूल शुरू किया जाएगा। आवेदन की विस्तृत प्रक्रिया, नियम और समय-सीमा के निर्देश MARB द्वारा अलग से जारी किए जाएंगे। सीटों के इस परिवर्तन की अंतिम अनुमति एनएमसी द्वारा समय-समय पर निर्धारित मानकों को पूरा करने के बाद ही दी जाएगी।