Press Trust of India | August 10, 2026 | 10:42 PM IST | 1 min read
एबीवीपी ने कहा, प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठा रहे छात्रों पर बल प्रयोग एक बार फिर झारखंड सरकार के “छात्र विरोधी रवैये” को उजागर करता है।

नई दिल्ली: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को झारखंड विधानसभा का शांतिपूर्ण घेराव करेगी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से संबद्ध छात्र संगठन ने एक बयान में कहा कि हजारों छात्रों के पुराने विधानसभा तिनकोनिया मैदान से विधानसभा तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने और सरकार के समक्ष अपनी मांगें रखने की संभावना है।
एबीवीपी ने कहा कि वह झारखंड में जेपीएससी (झारखंड लोक सेवा आयोग) और जेएसएससी (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) की परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, पानी की बौछार और उनकी गिरफ्तारी की कड़े शब्दों में निंदा करती है।
संगठन ने कहा कि अपने भविष्य से जुड़ी जायज मांगों को लेकर विधानसभा की ओर शांतिपूर्ण तरीके से बढ़ रहे छात्रों से बातचीत और समाधान निकालने के बजाय पुलिस बल का प्रयोग किया गया। अभाविप ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान मीडियाकर्मियों पर कार्रवाई और उनकी गिरफ्तारी की खबरें भी उतनी ही चिंताजनक हैं।
एबीवीपी ने आगे कहा, प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठा रहे छात्रों पर बल प्रयोग एक बार फिर झारखंड सरकार के “छात्र विरोधी रवैये” को उजागर करता है।
बयान में कहा गया, “कांग्रेस, जो अन्य स्थानों पर छात्रों के अधिकारों और लोकतांत्रिक प्रदर्शनों की बात करती है लेकिन झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन की साझेदार है, उसकी चुप्पी भी उसके दोहरे रवैये को उजागर करती है।” अभाविप ने जोर देकर कहा कि वह जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में पारदर्शिता तथा जवाबदेही की मांग कर रहे छात्रों के साथ लगातार खड़ी रही है।