NIOS: एनआईओएस अध्यक्ष प्रोफेसर पंकज अरोड़ा ने कश्मीर के स्टडी सेंटर का किया दौरा, छात्रों के साथ बैठक की
Saurabh Pandey | November 8, 2024 | 07:33 PM IST | 1 min read
प्रो. अरोड़ा ने विशेष शिक्षार्थियों की वास्तविक आवश्यकता और सीखने की गति को देखते हुए विशेष शिक्षार्थियों के लिए अलग केंद्र खोलने की मांग को स्वीकार किया। कश्मीर घाटी के एनआईओएस के शिक्षार्थी प्रो. अरोड़ा से बातचीत करते हुए बेहद खुश दिखाई पड़े।
नई दिल्ली : राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) के अध्यक्ष प्रोफेसर पंकज अरोड़ा ने कश्मीर के श्रीनगर स्थित अध्ययन केंद्र का दौरा किया। जहां उन्होंने श्रीनगर ग्रुप ऑफ स्कूल श्रीनगर के केंद्र में राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान कश्मीर संभाग श्रीनगर के राज्य पदाधिकारियों, समन्वयकों, शिक्षार्थियों और विशेष शिक्षार्थियों के साथ बैठक की।
प्रो. अरोड़ा ने कश्मीर संभाग के स्टेकहोल्डर्स के साथ-साथ विशेष शिक्षार्थियों सहित 30 शिक्षार्थियों से बातचीत की। एनआईओएस के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने के बाद प्रो. पंकज अरोड़ा का यह पहला दौरा था। श्रीनगर केंद्र के शिक्षार्थियों और विशेष शिक्षार्थियों ने प्रो. अरोड़ा को अपनी चुनौतियों के बारे में बताया और जम्मू-कश्मीर एनआईओएस अध्ययन केंद्र को और अधिक सुविधाएं प्रदान करने की मांग की।
विशेष शिक्षार्थियों के लिए अलग केंद्र
प्रो. अरोड़ा ने विशेष शिक्षार्थियों की वास्तविक आवश्यकता और सीखने की गति को देखते हुए विशेष शिक्षार्थियों के लिए अलग केंद्र खोलने की मांग को स्वीकार किया। कश्मीर घाटी के एनआईओएस के शिक्षार्थी प्रो. अरोड़ा से बातचीत करते हुए बेहद खुश दिखाई पड़े।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना लक्ष्य
प्रो. अरोड़ा ने सभी शिक्षार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया और माता-पिता और अभिभावकों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि कोई भी बच्चा पीछे न छूटे। कश्मीर घाटी में एनआईओएस शिक्षार्थियों का प्रवेश 3088 है।
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जम्मू-कश्मीर के एनआईओएस के प्रशिक्षण अधिकारी प्रमोद त्रिपाठी ने घाटी में एनआईओएस के कामकाज की वर्तमान स्थिति का अवलोकन प्रस्तुत किया। प्रो. अरोड़ा ने सभा को संबोधित करते हुए शिक्षार्थियों को प्रोत्साहित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने भौगोलिक, सामाजिक और अन्य वास्तविक चिंताओं को ध्यान में रखते हुए कश्मीर घाटी के लिए एनआईओएस के अलग क्षेत्रीय केंद्र की आवश्यकता को महसूस किया।
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