NEET UG Supreme Court Hearing: नीट पेपर लीक की पुष्टि; री-टेस्ट पर सीजेआई का जवाब, अगली सुनवाई 11 जुलाई

Santosh Kumar | July 8, 2024 | 04:25 PM IST | 2 mins read

सीजेआई ने कहा, 'यदि एनटीए और केंद्र सरकार द्वारा कोई अभ्यास किया जाना है, तो काउंसलिंग की स्थिति पर सरकार को नीतिगत निर्णय लेना होगा।'

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एनटीए द्वारा नीट यूजी 2024 परीक्षा 5 मई को आयोजित की गई थी। (इमेज-विकिमीडिया कॉमन्स)

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने नीट पेपर लीक मामले, परीक्षा रद्द करने की मांग और अनियमितताओं आदि से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई की है। जहां कोर्ट ने परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। सीजेआई ने कहा है कि नीट यूजी पेपर लीक मामले से इनकार नहीं किया जा सकता। अगर परीक्षा की गोपनीयता बड़े पैमाने पर भंग हुई है तो दोबारा परीक्षाएं कराई जानी चाहिए। कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल द्वारा मांगी गई सभी जानकारियां साझा करने के लिए गुरुवार (11 जुलाई) तक का समय दिया है।

सीजेआई ने कहा कि हम आपको एक दिन का समय देते हैं। हम चाहते हैं कि सभी याचिकाकर्ताओं के वकील, जो दोबारा जांच की मांग कर रहे हैं, गुरुवार को अपनी दलीलें पेश करें। हम चाहते हैं कि आप सभी 10 पेज से ज्यादा की नहीं, बल्कि एक समेकित दलील तैयार करें।

सीजेआई ने कहा कि 24 लाख छात्रों की परीक्षा रद्द करना ही अंतिम उपाय है। हमें तथ्यों की स्पष्टता की आवश्यकता है ताकि हम समझ सकें कि क्या यह धोखाधड़ी इतनी व्यापक थी कि हमें फिर से परीक्षा आयोजित करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि एक बात स्पष्ट है- नीट पेपर लीक हुआ है। सवाल यह है कि यह लीक कितना व्यापक है?

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NEET Supreme Court Hearing: सीजेआई का नीट री-टेस्ट पर जवाब

नीट यूजी के खतरे की पहचान और परीक्षा परिणाम के डेटा विश्लेषण पर सीजेआई ने एक विशेषज्ञ समिति का सुझाव रखा। सीजेआई ने कहा, "अगर पेपर लीक और परीक्षा के दिन के बीच का समय कम है, तो NEET UG 2024 के लिए दोबारा परीक्षा नहीं हो सकती है। हालांकि, यदि नीट पेपर लीक और परीक्षा के बीच का समय अंतराल अधिक है, तो यह समझ में आ सकता है।"

सुप्रीम कोर्ट ने आज सीबीआई को जांच की स्थिति बताने वाली रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। इसके अलावा, न्यायाधीशों ने एनटीए को प्रश्नपत्र लीक होने और 5 मई को परीक्षा आयोजित होने के बीच की समयावधि से अवगत कराने का निर्देश दिया है। साथ ही सीजेआई ने कहा, 'एनटीए, यूनियन और सीबीआई द्वारा हलफनामे को बुधवार (10 जुलाई) शाम 5 बजे रिकॉर्ड में रखा जाएगा और याचिकाकर्ताओं के वकील को भी सौंपा जाएगा।'

सीजेआई ने कहा, 'यदि एनटीए और केंद्र सरकार द्वारा कोई अभ्यास किया जाना है, तो काउंसलिंग की स्थिति पर सरकार को नीतिगत निर्णय लेना होगा।' मामले की सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने नीट पेपर लीक की रिपोर्ट और नीट यूजी टॉपर्स 2024 की संख्या में भारी वृद्धि पर टिप्पणी की। सीजेआई ने प्रश्नपत्रों के वितरण के माध्यम और समय के बारे में सवाल पूछे और कहा कि वे यह तय करने में भूमिका निभाएंगे।

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