NEET: सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए से राधाकृष्णन समिति की सिफारिशें लागू करने के लिए उठाए कदमों की मांगी जानकारी
Press Trust of India | August 19, 2026 | 02:42 PM IST | 2 mins read
न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति अलोक अराधे की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से मामले में एक नया हलफनामा दाखिल करने को कहा।
Predict your MBBS, BDS & AYUSH admission chances with the NEET College Predictor. Get personalized college recommendations based on rank, category & quota.
Try Nowनई दिल्ली: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में सुधारों को संस्थागत रूप देने की जरूरत पर जोर देते हुए उच्चतम न्यायालय ने 19 अगस्त (बुधवार) को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को निर्देश दिया कि वह उसे राधाकृष्णन समिति और नंदन नीलेकणि समिति की सिफारिशों को लागू करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दे।
न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति अलोक अराधे की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से मामले में एक नया हलफनामा दाखिल करने को कहा।
पीठ ने कहा, “राधाकृष्णन समिति ने सही कहा है कि यह एक प्रणालीगत समस्या है, जिसे संस्थागत रूप देने की जरूरत है और यही इसका सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। कागज पर यह प्रक्रिया पूरी तरह अच्छी दिखती है। लेकिन जब एक परीक्षा होने के बाद अगली परीक्षा आती है तब तक परिस्थितियां पूरी तरह बदल जाती हैं।”
सुनवाई की शुरुआत में मेहता ने न्यायालय को बताया कि नीट प्रश्नपत्र की छपाई से लेकर छात्रों को प्रश्नपत्र मिलने तक पूरी प्रक्रिया में सुरक्षा के कई उपाय अपनाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षाओं के लिए लागू व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित है और इसमें सेंध लगाना बेहद मुश्किल है।
Also read BSEB Free JEE, NEET Coaching: बिहार के 155 मॉडल स्कूलों में जेईई-नीट की फ्री कोचिंग शुरू
उन्होंने बताया कि कई मॉडरेटरों यानी प्रश्न तैयार करने और उनकी समीक्षा करने वाले विशेषज्ञों से प्रश्न बैंक तैयार कराया जाता है और उन्हें यह जानकारी नहीं होती कि उनमें से कौन से प्रश्न अंतिम प्रश्नपत्र में शामिल किए जाएंगे। मेहता ने कहा कि नीट प्रश्नपत्र ले जाने वाले वाहनों में जीपीएस लगा होता है और उनकी हर छोटी गतिविधि भी दर्ज होती है।
न्यायालय याचिकाओं के एक समूह पर सुनवाई कर रहा था। इनमें ‘फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन’ की ओर से अधिवक्ता तन्वी दुबे द्वारा दायर याचिका भी शामिल है।
नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक होने के बाद शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा प्रक्रिया में सुधार, डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल को बेहतर बनाने तथा एनटीए की संरचना और कार्यप्रणाली में सुधार के लिए सिफारिशें देने हेतु सात सदस्यीय राधाकृष्णन समिति का गठन किया था।
सरकार ने नीट परीक्षाओं में संरचनात्मक सुधारों के लिए इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में एक उच्चाधिकार प्राप्त कार्य बल का भी गठन किया था।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- IRIS 2026: 27 क्षेत्रों के 54 स्कॉलर्स को मिला फैकल्टी रिसर्च अवार्ड; आईआईटी, एम्स, आईआईएम के शोधकर्ता शामिल
- IRIS 2026: इंडिया रिसर्च एंड इम्पैक्ट समिट 1 अक्टूबर को, नीति आयोग सदस्य समेत कई दिग्गज एजुकेटर्स होंगे शामिल
- UPSC Mains Marks: केंद्रीय सूचना आयोग ने यूपीएससी मेंस के अंकों का विवरण प्रकाशित करने की सिफारिश की
- JEE Advanced: जेईई-एडवांस्ड में 3 प्रयास की मांग तेज, 12,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने मंत्रालय को दिया प्रतिवेदन
- NITI Aayog Report: स्कूलों में छठी कक्षा से ही रोजगारपरक कौशल पर हो ध्यान, नीति आयोग का सुझाव
- आजादी के 80वें साल में भी 'कागजी' दावों के बीच फंसी शिक्षा व्यवस्था; पेपर लीक व बजट की कमी से जूझ रहे छात्र
- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार
- NEET Paper Leak: एक नहीं कई बार लीक हो चुका है नीट का पेपर; जानिए काला सच