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NEET Reform: नीट में सुधारों पर नीलेकणि समिति महीने के अंत तक दे सकती है पहली अंतरिम रिपोर्ट, सरकार ने बताया

Press Trust of India | September 18, 2026 | 02:40 PM IST | 2 mins read

पीठ ने नीलेकणि समिति की सहायता कर रहे कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के संयुक्त सचिव को अब तक उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी देते हुए न्यायालय में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।

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नंदन नीलेकणि समिति इस महीने के अंत तक अपनी पहली अंतरिम रिपोर्ट सौंप देगी। (प्रतीकात्मक-विकिमीडिया कॉमन्स)
नंदन नीलेकणि समिति इस महीने के अंत तक अपनी पहली अंतरिम रिपोर्ट सौंप देगी। (प्रतीकात्मक-विकिमीडिया कॉमन्स)

नई दिल्ली: केंद्र ने उच्चतम न्यायालय से कहा कि नीट में संरचनात्मक सुधारों का सुझाव देने के लिए गठित नंदन नीलेकणि की अगुवाई वाली उच्चस्तरीय समिति ने व्यापक विचार-विमर्श किया है और वह संभवत: इस महीने के अंत तक अपनी पहली अंतरिम रिपोर्ट सौंप देगी। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ से कहा कि सभी सुझाव समिति के समक्ष रखे गए हैं और समिति ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष के. राधाकृष्णन की अगुवाई वाली पूर्व समिति के सदस्यों से भी विचार-विमर्श किया है।

पीठ ने नीलेकणि समिति की सहायता कर रहे कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के संयुक्त सचिव को अब तक उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी देते हुए न्यायालय में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।

NEET Reform: उच्चतम न्यायालय के जज ने क्या कहा?

न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने मेहता से कहा कि इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकार नीट आयोजित करने की पूरी प्रक्रिया को संस्थागत स्वरूप देने पर विचार करे।

पीठ ने कहा, ''आपको यह समझना होगा कि पूरी व्यवस्था में स्थायित्व सबसे अहम है। स्थायी ढांचा, स्थायी कर्मचारी और स्थायी प्रकोष्ठ होने चाहिए। प्रतिनियुक्ति पर बहुत कम कर्मचारी होने चाहिए। तभी एक स्थायी व्यवस्था बन सकेगी।''

न्यायमूर्ति नरसिम्हा ने कहा कि वह और न्यायमूर्ति अराधे एनटीए की हाल में उन्नत की गई व्यवस्था का जायजा लेने के लिए उसके परिसर का दौरा करना चाहेंगे। शिक्षा विभाग ने कहा है कि एक नयी और उन्नत व्यवस्था तैयार की गई है।

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NEET Exam Reform: सॉलिसिटर जनरल की दलील

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, ''व्यवस्था में स्थायित्व सुनिश्चित किया गया है। हालांकि, मानव संसाधन की व्यवस्था फिलहाल आंशिक रूप से ही हो पाई है।''

कोर्ट ने 19 अगस्त को कहा था कि एनटीए में सुधारों को संस्थागत स्वरूप दिए जाने की जरूरत है और उसने केंद्र को निर्देश दिया था कि वह राधाकृष्णन समिति एवं नीलेकणि समिति की सिफारिशों को लागू करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दे।

उच्चतम न्यायालय 'फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन' (एफएआईएमए) की ओर से अधिवक्ता तन्वी दुबे द्वारा दाखिल याचिका समेत कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है।

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