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NCERT: एनसीईआरटी ने पायरेटेड और फर्जी किताबों को लेकर जारी की चेतावनी, छात्रों को फेक किताबें न लेने की सलाह

Saurabh Pandey | June 25, 2026 | 10:52 AM IST | 2 mins read

NCERT ने प्रिंट और सोशल मीडिया पर चल रही नकली और पायरेटेड किताबों को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है, जिसमें विशेष रूप से कक्षा 9वीं की सामाजिक विज्ञान की एक फर्जी किताब का उल्लेख किया गया है।

काउंसिल ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनाधिकृत या असत्यापित सोशल मीडिया लिंक को न तो सब्सक्राइब करें। (आधिकारिक वेबसाइट)
काउंसिल ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनाधिकृत या असत्यापित सोशल मीडिया लिंक को न तो सब्सक्राइब करें। (आधिकारिक वेबसाइट)

नई दिल्ली : राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में प्रसारित हो रही नकली और पायरेटेड पाठ्यपुस्तकों के खिलाफ देशव्यापी चेतावनी जारी की है। काउंसिल के संज्ञान में आया है कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा एनसीईआरटी की आधिकारिक रिलीज और प्रकाशन से पहले ही किताबों की अनधिकृत प्रतियां बाजार और सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही हैं।

एनसीईआरटी ने विशेष रूप से उल्लेख किया है कि सोशल मीडिया चैनलों, वेबसाइटों और मैसेजिंग समूहों (जैसे व्हाट्सएप, टेलीग्राम) पर कक्षा नौवीं की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक भाग 1, जिसका शीर्षक "Understanding Society India & Beyond" बताया जा रहा है, की एक पूरी तरह से नकली और अनधिकृत प्रति प्रसारित की जा रही है। काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि इन सोशल मीडिया चैनलों या वेबसाइटों का एनसीईआरटी से कोई संबंध या संबद्धता नहीं है।

एनसीईआरटी ने छात्रों और अभिभावकों के लिए स्पष्ट कीं ये तीन मुख्य बातें-

  1. आधिकारिक माध्यम ही एकमात्र स्रोत - एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकें केवल परिषद के आधिकारिक चैनलों के माध्यम से ही प्रकाशित, मुद्रित और जारी की जाती हैं। आधिकारिक रिलीज से पहले किसी भी रूप में किसी भी पुस्तक का प्रसार अधिकृत नहीं है।
  2. भ्रामक और गलत सामग्री का खतरा - अनाधिकृत स्रोतों द्वारा फैलाई जा रही सामग्री अधूरी, गलत, छेड़छाड़ की गई या पूरी तरह से मनगढ़ंत हो सकती है। छात्र, शिक्षक और अभिभावक इस तरह की सामग्री पर बिल्कुल भी भरोसा न करें।
  3. कानूनी तौर पर दंडनीय अपराध - एनसीईआरटी की कॉपीराइट सामग्री का अनाधिकृत मुद्रण, पुनरुत्पादन (reproduction), वितरण और डिजिटल प्रसार पूरी तरह से अवैध है। यह कॉपीराइट अधिनियम, 1957 और अन्य लागू कानूनों के तहत एक दंडनीय अपराध है।

केवल आधिकारिक स्रोतों से ही खरीदें या डाउनलोड करें पुस्तकें

एनसीईआरटी के सचिव ने सभी हितधारकों (छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और स्कूलों) को सख्त सलाह दी है कि वे पाठ्यपुस्तकें केवल आधिकारिक वेबसाइटों या अधिकृत विक्रेताओं से ही खरीदें-

  1. आधिकारिक वेबसाइट - https://ncertbooks.ncert.gov.in
  2. ई-पाठशाला प्लेटफ़ॉर्म - https://epathshala.ncert.gov.in
  3. मुफ्त डिजिटल कॉपी - सभी एनसीईआरटी पुस्तकों की डिजिटल कॉपियां (PDF) परिषद की आधिकारिक वेबसाइट (https://ncert.nic.in/textbook.php) और ई-पाठशाला पोर्टल पर पूरी तरह से मुफ्त उपलब्ध हैं।

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दोषियों के खिलाफ होगी कानूनी कार्रवाई

काउंसिल ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत या असत्यापित सोशल मीडिया लिंक को न तो सब्सक्राइब करें, न ही साझा करें एनसीईआरटी इस तरह की पायरेसी और फर्जी सामग्री फैलाने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सहित सख्त कदम उठा रहा है।

यदि किसी को भी इस तरह की अनधिकृत गतिविधियों या फर्जी किताबों के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत इसकी शिकायत एनसीईआरटी को secy.ncert@nic.in पर ईमेल के जरिए भेज सकते हैं।

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