National Sports Day 2024: केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया की अपील- आउटडोर खेलों में भाग लें देशवासी
Saurabh Pandey | August 27, 2024 | 11:31 AM IST | 2 mins read
केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री के फिट इंडिया मूवमेंट को आगे बढ़ाने पर बात की और कहा कि अपने स्वास्थ्य को बनाए रखना और सक्रिय रहना प्रत्येक भारतीय की जिम्मेदारी है।
नई दिल्ली : भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस हर वर्ष 29 अगस्त को हॉकी के दिग्गज मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। पहला राष्ट्रीय खेल दिवस 29 अगस्त 2012 को मनाया गया था। इस वर्ष राष्ट्रीय खेल दिवस की 12वीं वर्षगांठ है।
केंद्रीय युवा मामले एवं खेल और श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने सभी नागरिकों से राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में कम से कम एक घंटे के लिए आउटडोर खेलों में भाग लेने का आह्वान किया है।
डॉ. मंडाविया ने प्रधानमंत्री के नारे "खेलेगा इंडिया, खिलेगा इंडिया" से प्रेरित होकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सपना भारत को एक फिट राष्ट्र बनाना है। उनके फिट इंडिया मूवमेंट की परिकल्पना प्रत्येक नागरिक के लिए एक कार्यक्रम है, और मैं आप सभी को इस वर्ष के राष्ट्रीय खेल दिवस पर इस राष्ट्रव्यापी उत्सव का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करता हूं।
कोई भी खेल खेलें और फिट रहें : केंद्रीय मंत्री मांडविया
केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री के फिट इंडिया मूवमेंट को आगे बढ़ाने के महत्व पर प्रकाश डाला और इस बात पर जोर दिया कि अपने स्वास्थ्य को बनाए रखना और सक्रिय रहना प्रत्येक भारतीय की जिम्मेदारी है। केंद्रीय मंत्री मांडविया ने सभी को इस पहल में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करते हुए आग्रह किया कि "कोई भी खेल खेलें और फिट रहें।
डॉ. मांडविया ने कहा कि राष्ट्रीय खेल दिवस न केवल हमारे खेल नायकों को सम्मानित करने का एक अवसर है, बल्कि यह भी याद दिलाता है कि खेल हमें संतुलित और स्वस्थ जीवन बनाए रखने में कैसे मदद कर सकते हैं।
उन्होंने सभी से राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर अपने परिवार और दोस्तों के साथ खेलों में शामिल होने और एक फिट और सक्रिय भारत के निर्माण की दिशा में एक कदम उठाने की अपील की।
National Sports Day 2024: थीम
राष्ट्रीय खेल दिवस 2024 की थीम इस बार शांतिपूर्ण और समावेशी समाजों को बढ़ावा देने के लिए खेल (Sport for the Promotion and Peaceful and Inclusive Societies) है। यह थीम इस बात के लिए है कि एथलेटिक्स कैसे सामाजिक बंधनों को मजबूत कर सकता है, व्यक्तियों को एकजुट कर सकता है और समुदायों को समावेशिता और शांति को बढ़ावा देने के लिए काम कर सकता है।
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