Nalanda University: पीएम मोदी ने नालंदा विश्वविद्यालय के नए परिसर का किया उद्घाटन, सीएम नीतीश कुमार रहे मौजूद

Santosh Kumar | June 19, 2024 | 02:56 PM IST | 2 mins read

पीएम मोदी ने कहा कि ये मेरा सौभाग्य है कि तीसरे कार्यकाल के लिए शपथ लेने के कुछ ही दिनों बाद मुझे नालंदा आने का अवसर मिला। ये एक स्वर्णिम युग की शुरुआत है।

आसियान देशों के प्रतिनिधियों समेत 17 देशों के राजदूत भी इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने। (इमेज-X/@GovernorBihar)

राजगीर, बिहार : पीएम मोदी ने आज यानी 19 जून को बिहार के राजगीर में नालंदा विश्वविद्यालय के नए परिसर का उद्घाटन किया। इस दौरान राज्य के सीएम नीतीश कुमार समेत कई अन्य भाजपा नेता भी कार्यक्रम में शामिल हुए। इसके अलावा आसियान देशों के प्रतिनिधियों समेत 17 देशों के राजदूत भी इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने। परिसर में 40 कक्षाओं के साथ दो शैक्षणिक ब्लॉक हैं, जिनकी कुल बैठने की क्षमता लगभग 1,900 है।

इसमें 300 सीटों की क्षमता वाले 2 ऑडिटोरियम, लगभग 550 छात्रों की क्षमता वाला 1 हॉस्टल और कई अन्य सुविधाएं हैं, जिनमें एक अंतर्राष्ट्रीय केंद्र, 2,000 व्यक्तियों की क्षमता वाला एक एम्फीथिएटर, एक संकाय क्लब और एक खेल परिसर शामिल हैं।

आधिकारिक बयान के अनुसार, विश्वविद्यालय परिसर एक 'नेट जीरो' ग्रीन कैंपस है, जो पर्यावरण के अनुकूल सुविधाओं से युक्त है। इसमें सौर ऊर्जा संयंत्र, घरेलू और पेयजल उपचार संयंत्र, अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग के लिए जल पुनर्चक्रण संयंत्र, 100 एकड़ जल निकाय शामिल हैं।

नालंदा के छात्रों और विद्वानों को भारत का भविष्य बताते हुए प्रधानमंत्री ने अमृत काल के अगले 25 वर्षों के महत्व को रेखांकित किया। इस अवसर पर राज्यपाल राजेंद्र वी आर्लेकर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विदेश मंत्री एस जयशंकर भी मौजूद थे।

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Nalanda University: 'नालंदा सिर्फ एक नाम नहीं है'

पीएम मोदी ने कहा कि ये मेरा सौभाग्य है कि तीसरे कार्यकाल के लिए शपथ लेने के कुछ ही दिनों बाद मुझे नालंदा आने का अवसर मिला। ये एक स्वर्णिम युग की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि नालंदा सिर्फ एक नाम नहीं है। नालंदा एक पहचान है, एक सम्मान है। नालंदा एक मूल्य है, एक मंत्र है, एक गौरव है, एक गाथा है। नालंदा उस सत्य का उद्घोष है कि किताबें आग की लपटों में जल सकती हैं, लेकिन आग की लपटें ज्ञान को नहीं मिटा सकतीं।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय में छात्रों को उनकी पहचान और राष्ट्रीयता की परवाह किए बिना प्रवेश दिया जाता है। उन्होंने नए उद्घाटन किए गए परिसर में उन्हीं प्राचीन परंपराओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि 20 से अधिक देशों के छात्र पहले से ही नालंदा विश्वविद्यालय में अध्ययन कर रहे हैं।

पीएम ने यह भी कहा, "आज पूरी दुनिया की दृष्टि भारत पर है... भारत के युवाओं पर है। दुनिया... बुद्ध के इस देश के साथ... लोकतंत्र की जननी के साथ... कंधे से कंधा मिलाकर चलना चाहती है। मुझे विश्वास है... हमारे युवा आने वाले समय में पूरे विश्व को नेतृत्व देंगे। मुझे विश्वास है... नालंदा वैश्विक हित का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।"

बता दें कि प्राचीन भारत में नालंदा विश्वविद्यालय, तक्षशिला के साथ कई शताब्दियों तक भारत और एशिया का प्रमुख शैक्षणिक केंद्र हुआ करता था, लेकिन 13वीं शताब्दी में बंगाल पर हमले के दौरान बख्तियार खिलजी ने इसे जला दिया था।

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