राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की सिफारिशों और भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) की स्वीकृत के अनुसार केवल पात्र उम्मीदवारों को ही एफएमजीई दिसंबर 2025 में बैठने की अनुमति दी जाएगी।
इसका उद्देश्य एक ऐसा क्षेत्रीय और राष्ट्रीय संस्थान बनाना है, जहां घायलों को उनकी स्थिति स्थिर करने से लेकर पुनर्वास तक एक ही छत के नीचे व्यापक और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं मिल सकें।
यूजीसी नेट परीक्षा ‘जूनियर रिसर्च फेलोशिप प्रदान करने’, ‘सहायक प्रोफेसर के रूप में नियुक्ति’, ‘सहायक प्रोफेसर के रूप में नियुक्ति एवं पीएचडी में प्रवेश’ और ‘केवल पीएचडी में प्रवेश’ के लिए आयोजित की जाती है।