Jharkhand Students Protest: झारखंड में छात्रों का प्रदर्शन हुआ तेज, रांची में 5 और लोग भूख हड़ताल पर बैठे

Press Trust of India | August 5, 2026 | 03:44 PM IST | 2 mins read

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को कहा था कि उनकी सरकार प्रदर्शन कर रहे नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों की चिंताओं के प्रति गंभीर है और इस संबंध में उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा।

जेपीएससी, जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच के प्रवक्ता ने कहा - हमारी मांगों के समर्थन में 5 और साथी भूख हड़ताल पर बैठ गए। (इमेज-आधिकारिक एक्स/@JPSCreformanch)

नई दिल्ली: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गया है और राज्य विधानसभा का मानसून सत्र बृहस्पतिवार से शुरू होने से पहले दो महिलाओं सहित 5 लोगों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। ये पांचों प्रदर्शनकारी जेपीएससी, जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच के बैनर तले मंगलवार रात जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में भूख हड़ताल पर बैठ गए और इसके साथ ही अनशन पर बैठे लोगों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है।

इसी स्थान पर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के सदस्य देवेन्द्र नाथ महतो का धरना बुधवार को चौथे दिन भी जारी रहा। पिछले 10 दिनों से दोनों समूह 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा रद्द करने तथा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) में सुधार की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा प्रदर्शनकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या राज्य से बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के एक स्वतंत्र पैनल से जांच कराने की भी मांग कर रहे हैं।

जेपीएससी, जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच के प्रवक्ता जीवन कुमार ने कहा, “हमारी मांगों के समर्थन में दो महिलाओं समेत हमारे पांच साथी मंगलवार रात से भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।” उन्होंने बताया कि छात्रों की मांगों के समर्थन में ‘तिरंगा मार्च’ निकालने पर फैसला करने के लिए जल्द ही कोर कमेटी की बैठक बुलाई जाएगी। भूख हड़ताल पर बैठीं दोनों महिलाओं में से एक सबिता कुमारी ने कहा कि सरकार द्वारा उनकी मांगें पूरी नहीं किए जाने के कारण उन्हें इस तरह से विरोध प्रदर्शन करने के लिए “मजबूर” होना पड़ा।

Also read कॉकरोच जनता पार्टी ने झारखंड में परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन किया

एक अन्य प्रदर्शनकारी हबीबा ने कहा, “मुख्यमंत्री हमारे अभिभावक की तरह हैं। जब बच्चे भूखे होते हैं तो अभिभावकों को भी दर्द होता है। इसलिए हमें उम्मीद है कि वह हमारी शिकायतों और मांगों पर ध्यान देंगे।” उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री कहते हैं कि सरकार संवेदनशील है। हो सकता है कि ऐसा हो, लेकिन हमें आश्वासन नहीं, कार्रवाई और न्याय चाहिए।” मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को कहा था कि उनकी सरकार प्रदर्शन कर रहे नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों की चिंताओं के प्रति गंभीर है और इस संबंध में उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा।

सोरेन ने रांची में संवाददाताओं से कहा, “उनकी मांगों और सवालों के समाधान से जुड़े फैसले पूरी गंभीरता और बारीकी से जांच के बाद उपयुक्त समय पर घोषित किए जाएंगे। मुझे विश्वास है कि प्रदर्शनकारी इससे आश्वस्त होंगे।” झारखंड पुलिस के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने कथित अनियमितताओं के सिलसिले में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया है।

वहीं, बढ़ते विरोध-प्रदर्शन के बीच जेपीएससी ने “अपरिहार्य परिस्थितियों” का हवाला देते हुए 25 से 27 जुलाई तक होने वाली संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा स्थगित कर दी है। सीआईडी ने भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में 28 जुलाई से अब तक जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से चार बार पूछताछ की है। इसके अलावा, जांच के तहत राज्य में रांची, पलामू, हजारीबाग, बोकारो और धनबाद में 18 स्थानों पर छापेमारी की है।

MakeCAREERS360
My Trusted Source
Add as a preferred source on google
[

विशेष समाचार

]
[

नवीनतम शिक्षा समाचार

]