Saurabh Pandey | May 17, 2026 | 04:50 PM IST | 2 mins read
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी छात्र ने पेपर 1 में कुल प्रश्नों में से 35 से 38 सवाल पूरी सटीकता के साथ हल किए हैं, तो उसे एक बहुत अच्छा प्रयास माना जाएगा। पेपर लंबा होने के कारण इस बार 'टाइम मैनेजमेंट' सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट रहा है।

नई दिल्ली : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रुड़की द्वारा आयोजित जेईई एडवांस्ड 2026 का पहला पेपर संपन्न हो चुका है। छात्रों और शिक्षकों के अनुसार, जेईई एडवांस्ड का पहला पेपर मध्यम से लेकर अत्यधिक चुनौतीपूर्ण था, जिसमें गणित का प्रश्नपत्र सबसे लंबा और कठिन साबित हुआ, जबकि फिजिक्स ट्रिकी था और रसायन विज्ञान पेचीदा और कठिन था।
छात्रों के फीडबैक के अनुसार, इस साल का पेपर 1 'मध्यम से कठिन' (Moderate to Challenging) स्तर का था। पिछले साल की तुलना में गणित (Mathematics) के सेक्शन ने छात्रों को सबसे ज्यादा परेशान किया। कठिनाई का क्रम गणित (Mathematics), भौतिक विज्ञान (Physics) > रसायन विज्ञान (Chemistry)।
छात्रों के अनुसार मैथ का सेक्शन इस बार सबसे कठिन और बेहद कैलकुलेटिव (Time-consuming) रहा।
फिजिक्स का पेपर काफी संतुलित था, लेकिन इसमें वैचारिक स्पष्टता (Conceptual Clarity) की बहुत ज्यादा जरूरत थी।
तीनों विषयों में केमिस्ट्री का सेक्शन सबसे ज्यादा राहत देने वाला रहा। जिन छात्रों ने NCERT को अच्छे से पढ़ा था, वे इसे आसानी से हल कर पाए।
जेईई एडवांस्ड 2026 के पेपर 1 में बहुविकल्पीय प्रश्न (एमसीक्यू) के सभी सही उत्तरों के लिए 4 अंक दिए जाते हैं। गलत उत्तर के लिए 1 अंक काटा जाता है। प्रत्येक विषय में 4 एमसीक्यू प्रश्न होते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, कुल 360 अंकों वाले परीक्षा पैटर्न में, सामान्य श्रेणी के लिए अपेक्षित कुल कटऑफ लगभग 20–30% के आस-पास रहने की संभावना है। पिछले वर्षों में देखे गए रुझानों के आधार पर, यह आंकड़ा आखिरकार परीक्षा के कठिनाई स्तर पर निर्भर करेगा।
Santosh Kumar