JEE Advanced 2026 AAT Syllabus: जेईई एडवांस्ड एएटी सिलेबस jeeadv.ac.in पर जारी, रजिस्ट्रेशन डेट्स जानें
Saurabh Pandey | December 29, 2025 | 06:04 PM IST | 2 mins read
आईआईटी रुड़की, आईआईटी खड़गपुर और आईआईटी बीएचयू वाराणसी में बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर (बीआर्क) पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के इच्छुक उम्मीदवारों को जेईई एएटी 2026 में उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
नई दिल्ली : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा एडवांस्ड-आर्किटेक्चर एप्टीट्यूड टेस्ट (जेईई एडवांस्ड एएटी) 2026 का पाठ्यक्रम जारी कर दिया है। परीक्षा में शामिल होने के इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट jeeadv.ac.in के माध्यम से जेईई एडवांस्ड एएटी 2026 का पाठ्यक्रम डाउनलोड कर सकते हैं।
आईआईटी रुड़की, आईआईटी खड़गपुर और आईआईटी बीएचयू वाराणसी में बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर (बीआर्क) पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के इच्छुक उम्मीदवारों को जेईई एएटी 2026 में उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
जेईई एएटी आर्किटेक्चर के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए आवश्यक रचनात्मक, दृश्य और एनालिटिकल स्किल्स की एक विस्तृत श्रृंखला पर उम्मीदवारों का मूल्यांकन करता है। यह परीक्षा छात्रों की वस्तुओं और स्थानों को सटीक रूप से देखने, कल्पना करने और प्रस्तुत करने की क्षमता का आंकलन करने पर केंद्रित है।
JEE Advanced AAT 2026: जेईई एएटी पंजीकरण डेट्स
आईआईटी रूड़की की तरफ से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, JEE AAT 2026 के लिए पंजीकरण 1 जून से शुरू होकर 2 जून को समाप्त होगा। संयुक्त सीट आवंटन प्राधिकरण (JoSAA) 2026 की प्रक्रिया भी 2 जून से शुरू होगी, जबकि जेईई एएटी का परिणाम 7 जून को घोषित होने की उम्मीद है। परीक्षा केंद्रों की सूची जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी। परीक्षा केवल अंग्रेजी में आयोजित की जाएगी।
JEE Advanced AAT 2026: परीक्षा सिलेबस
जेईई एडवांस्ड 2026 एएटी परीक्षा 3 घंटे की अवधि के लिए पेन और पेपर मोड में आयोजित की जाती है और इसमें फ्रीहैंड ड्राइंग, ज्यामितीय ड्राइंग, त्रि-आयामी धारणा, कल्पना और एस्थेटिक सेंसिटिविटी, और आर्किटेक्चर अवेयरनेस पर सेक्शन शामिल हैं।
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विषय
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विवरण
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फ्रीहैंड ड्रॉइंग (Freehand Drawing)
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स्मृति के आधार पर वस्तुओं का सही अनुपात, विवरण और बनावट के साथ चित्रण
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ज्यामितीय ड्रॉइंग (Geometrical Drawing)
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आकृतियों, प्लान, एलिवेशन और मूल 3D रूपों का चित्रण
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त्रि-आयामी धारणा (Three-dimensional Perception)
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3D रूपों, आयतन और स्थानिक संबंधों को समझना और कल्पना करना
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कल्पना और सौंदर्य संवेदनशीलता (Imagination and Aesthetic Sensitivity)
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रचनात्मकता, संयोजन, रंग-बोध और इनोवेटिव थिकिंग
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वास्तुकला जागरूकता (Architectural Awareness)
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प्रसिद्ध इमारतों, वास्तुकारों और वास्तुकला शैलियों का ज्ञान (भारतीय एवं वैश्विक)
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