Jamia Millia Islamia: जामिया ने चाइल्ड गाइडेंस एवं काउंसलिंग में आरसीआई-एक्रिडिटेड एडवांस डिप्लोमा शुरू किया
Abhay Pratap Singh | November 14, 2025 | 05:12 PM IST | 2 mins read
जामिया के रजिस्ट्रार प्रो मोहम्मद महताब आलम रिज़वी ने कहा कि उच्च शक्तियों में आस्था बनाए रखने से चिंता और तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है।
नई दिल्ली: जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI), नई दिल्ली के मनोविज्ञान विभाग ने बाल मार्गदर्शन एवं परामर्श (Child Guidance and Counselling) में दो सेमेस्टर का एडवांस डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू किया, जिसके अंतर्गत नव प्रवेशित छात्रों के लिए एक ओरिएंटेशन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। जेएमआई के नए आरसीआई-एक्रिडिटेड एडवांस डिप्लोमा प्रोग्राम को भारतीय पुनर्वास परिषद (RCI) द्वारा मान्यता प्राप्त है।
ओरिएंटेशन कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए रजिस्ट्रार प्रो मोहम्मद महताब आलम रिज़वी ने कठोर मान्यता प्रक्रिया को पूरा करने और प्रोग्राम आयोजन में विभाग की कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आस्था मानसिक स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण घटक है। उन्होंने कहा कि उच्च शक्तियों में आस्था बनाए रखने से चिंता और तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है।
विभागाध्यक्ष प्रो समीना बानो ने नव प्रवेशित छात्रों का स्वागत करते हुए कहा, छात्र विश्वविद्यालय और नए कार्यक्रम के योग्य एंबेसडर के रूप में कार्य करेंगे। उन्होंने डिप्लोमा की विभागीय समंवयक प्रो शीमा अलीम के साथ, कुलपति प्रो मज़हर आसिफ़ और जामिया के रजिस्ट्रार प्रो रिजवी के प्रति उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
डिप्लोमा की विभागीय समंवयक प्रो शीमा अलीम ने कार्यक्रम के दौरान इस बात पर प्रकाश डाला कि यह पाठ्यक्रम भारत के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में अपनी तरह का अनूठा है, जिसे न केवल पेशेवर परामर्शदाता तैयार करने के लिए डिजाइन किया गया है, बल्कि इस क्षेत्र में पेशेवर मानकों को बनाए रखने में भी मदद करता है।
जामिया के ओरिएंटेशन कार्यक्रम में एनआईपीसीसीडी की पूर्व संयुक्त निदेशक डॉ वंदना थापर, इग्नू से प्रो रेखा शर्मा सेन, जेएमआई से प्रो जुबैर मीनाई, एम्स से डॉ जागृति सिंह, आर्टेमिस हॉस्पिटल्स के मनोचिकित्सक डॉ राहुल चंडोक और सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ यूथ एंड मासेस (एसपीवाईएम), दिल्ली से प्रो बिलाल अहमद शामिल थे।
कार्यक्रम में बाल विकास, बाल संरक्षण, बच्चों में मानसिक स्वास्थ्य एवं विकारों और बच्चों में मादक द्रव्यों के सेवन जैसे विभिन्न मुद्दों पर सत्र आयोजित किए गए। नव प्रवेशित छात्रों ने इन सत्रों का स्वागत किया। उन्होंने पाठ्यक्रम का हिस्सा बनने पर गर्व जताया और विश्वविद्यालय तथा उद्योग दोनों में उत्कृष्टता और नैतिकता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
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