IIT Madras Zanzibar 2024: आईआईटी मद्रास ज़ांज़ीबार ने ओसियन स्ट्रक्चर में नया एमटेक प्रोग्राम किया शुरू
Abhay Pratap Singh | May 28, 2024 | 02:31 PM IST | 2 mins read
सिविल इंजीनियरिंग में 60% अंक प्राप्त करने वाले छात्र MTech in Ocean Structures Programme के लिए आवेदन कर सकते हैं।
नई दिल्ली: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास ज़ांज़ीबार ने शैक्षणिक वर्ष 2024-25 के लिए ओसियन स्ट्रक्चर में एक नया एमटेक प्रोग्राम शुरू किया है। योग्य उम्मीदवार स्नातकोत्तर (पीजी) कार्यक्रम के लिए 20 जून तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आईआईटी मद्रास ज़ांज़ीबार आईआईटी संस्थान का पहला अंतरराष्ट्रीय परिसर है।
न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों के साथ सिविल इंजीनियरिंग में चार वर्षीय स्नातक डिग्री वाले उम्मीदवार एमटेक कार्यक्रम में प्रवेश के लिए पात्र होंगे। इच्छुक और योग्य कैंडिडेट संस्थान की ऑफिशियल वेबसाइट admissions.ge.iitm.ac.in/iitmz-mtechos पर जाकर अंतिम तिथि तक एप्लीकेशन फॉर्म भर सकते हैं।
आईआईटी मद्रास ज़ांज़ीबार का नया एमटेक पाठ्यक्रम सभी राष्ट्रीय उम्मीदवारों के लिए खुला है, इसमें दो स्ट्रीम ‘ऑफशोर एंड शिप स्ट्रक्चर’ और ‘पोर्ट हार्बर एंड कोस्टल स्ट्रक्चर’ को शामिल किया गया है। स्ट्रीम का चयन छात्रों द्वारा पहले सेमेस्टर के अंत में प्राप्त सीजीपीए के आधार पर किया जाएगा।
छात्रों का चयन यूजी में प्राप्त अंकों, स्क्रीनिंग टेस्ट और व्यक्तिगत साक्षात्कार के आधार पर होगा, जिसमें प्रत्येक मानदंड के लिए 50% वेटेज तय किया गया है। स्क्रीनिंग टेस्ट पास करने वाले छात्रों के लिए पर्सनल इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा। स्क्रीनिंग टेस्ट और साक्षात्कार का आयोजन ऑनलाइन मोड में किया जाएगा।
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संस्थान द्वारा 30 जून 2024 को स्क्रीनिंग टेस्ट आयोजित किया जाएगा। वहीं, 15 जुलाई को प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे। छात्र पहले, दूसरे और चौथे सेमेस्टर की पढ़ाई अंतरराष्ट्रीय परिसर में तथा तीसरे सेमेस्टर की पढ़ाई भारत स्थित आईआईटी मद्रास (चेन्नई) परिसर में करेंगे।
आईआईटी मद्रास ज़ांज़ीबार कैंपस के नए एमटेक प्रोग्राम इन ओसियन इंस्ट्रक्चर में तेल एवं गैस और समुद्री क्षेत्र में उद्योग की जरूरतों के अनुसार पाठ्यक्रम होगा। इसमें समुद्री एवं अपतटीय हाइड्रोडायनामिक्स, तेल एवं गैस की खोज के लिए अपतटीय प्लेटफार्मों, बंदरगाहों, बंदरगाह स्ट्रकचर और ब्रेकवाटर सहित संरचनात्मक डिजाइन को शामिल किया जाएगा।
आईआईटी मद्रास के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड साइंस की डीन और ज़ांज़ीबार कैंपस की प्रभारी निदेशक प्रोफेसर प्रीति अघालयम ने कहा, “इस नए कार्यक्रम की घोषणा करते हुए काफी प्रसंन्नता हो रही है। ब्लू इकोनॉमी ज़ांज़ीबार और आज की दुनिया के लिए एक प्राथमिकता वाला क्षेत्र है और इस क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन प्रदान करने वाले इंजीनियरिंग प्रोग्राम की आवश्यकता है।”
आईआईटी मद्रास के ओसियन (Ocean) इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख प्रोफेसर डॉ. एस नल्लायरासु ने कहा, “यह कार्यक्रम क्षेत्र में अपतटीय (Offshore) उद्योग, बंदरगाह और बंदरगाह विकास के विशिष्ट क्षेत्रों सहित ओसियन इंजीनियरिंग में स्नातक इंजीनियरों के लिए नए करियर के अवसर प्रदान करता है। यह कार्यक्रम मैरीटाइम इंडिया विजन 2047 से जुड़ा हुआ है और पेशेवरों को प्रशिक्षित करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।”
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