IIT Madras Brain Research: आईआईटी मद्रास के पूर्व छात्र ने ‘ब्रेन रिसर्च’ के लिए 41 करोड़ रुपये किए दान
Abhay Pratap Singh | June 18, 2024 | 03:06 PM IST | 2 mins read
पूर्व छात्र प्रेम वत्स ने 1971 में आईआईटी मद्रास से केमिकल इंजीनियरिंग में प्रथम श्रेणी की डिग्री के साथ स्नातक की उपाधि प्राप्त की थी।
नई दिल्ली: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मद्रास (IIT Madras) के पूर्व छात्र प्रेम वत्स ने ‘ब्रेन रिसर्च’ के लिए 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 41 करोड़ रुपये) दान किया है। आईआईटी मद्रास के सुधा गोपालकृष्णन ब्रेन सेंटर ने एक विश्व स्तरीय हाई-थ्रूपुट हिस्टोलॉजी पाइपलाइन विकसित की है, जो पूरे मानव मस्तिष्क को उच्च-रिजॉल्यूशन डिजिटल इमेज वॉल्यूम में संसाधित करती है।
प्रेम वत्स कनाडाई वित्तीय कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स लिमिटेड के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। प्रेम वत्स ने 1971 में आईआईटी मद्रास से केमिकल इंजीनियरिंग में प्रथम श्रेणी की डिग्री के साथ स्नातक की उपाधि प्राप्त की थी और 1999 में उन्हें विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार भी दिया गया था।
सुधा गोपालकृष्णन ब्रेन सेंटर को मार्च 2022 में लॉन्च किया गया था, ताकि अभूतपूर्व मानव मस्तिष्क डेटा, वैज्ञानिक आउटपुट और प्रौद्योगिकी उपकरण उत्पन्न करके सेलुलर स्तरों पर मानव मस्तिष्क की छवि बनाने की महत्वाकांक्षी वैश्विक परियोजना को शक्ति मिल सके।
इस केंद्र में चल रहे अनुसंधान की सराहना करते हुए फेयरफैक्स के अध्यक्ष प्रेम वत्स ने कहा, “आईआईटीएम के सुधा गोपालकृष्णन ब्रेन सेंटर में काम की गुणवत्ता और टीम की प्रतिबद्धता वास्तव में उत्कृष्ट है। उन्होंने जो प्रौद्योगिकी प्लेटफार्म विकसित किया है, जो मानव मस्तिष्क की हाई-रिजॉल्यूशन इमेज उत्पन्न करता है, वह अद्वितीय है। इससे अत्यधिक चुनौतीपूर्ण मस्तिष्क रोगों के समाधान मिलेंगे।”
प्रेम वत्स ने कहा, “इस विशाल जटिलता से निपटने के लिए, वे दुनिया भर के विभिन्न क्षेत्रों में मस्तिष्क शोधकर्ताओं के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। फेयरफैक्स इस अत्याधुनिक अनुसंधान एवं विकास कार्य का समर्थन करने में प्रसन्न है और हम उन्हें और अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए शुभकामनाएं देते हैं।”
इंफोसिस के सह-संस्थापक और आईआईटी मद्रास के पूर्व छात्र क्रिस गोपालकृष्णन ने कहा, “मैं आईआईटी मद्रास के ब्रेन सेंटर में उनके योगदान के लिए प्रेम वत्स की सराहना करता हूं। इससे केंद्र को सीएसआर फंड से पहले से प्राप्त हो रही सहायता में वृद्धि होगी तथा केंद्र को मानव मस्तिष्क पर अपने अनुसंधान को बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
इस योगदान के लिए प्रेम वत्स को धन्यवाद देते हुए आईआईटी मद्रास के डीन प्रोफेसर महेश पंचाग्नुला ने कहा, “हमें यह देखकर खुशी हो रही है कि प्रेम वत्स ‘ब्रेन’ को समझने से संबंधित आईआईटी मद्रास की एक महत्वपूर्ण पहल का समर्थन कर रहे हैं।”
सीएफआईआईटीएम के निदेशक प्रो. मर्थी वेंकटेश मन्नार और प्रो. पार्थ मोहनराम ने कहा, “हमें खुशी है कि आईआईटीएम में अत्याधुनिक कार्य के लिए यह दान भारत-कनाडा सहयोग को भी आगे बढ़ाएगा।” वहीं, सुधा गोपालकृष्णन ब्रेन सेंटर के प्रमुख प्रो मोहनशंकर शिवप्रकाशम ने कहा, “प्रेम वत्स का यह सहयोग विश्व स्तर पर अग्रणी अनुसंधान एवं विकास केंद्र बनने की दिशा में हमारे काम को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”
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