Santosh Kumar | March 4, 2025 | 07:02 PM IST | 1 min read
इस दान का उपयोग आईआईटी कानपुर के हॉल 3 के निर्माण, परिसर की सुविधाओं में सुधार, बालिका छात्रावास के लिए अनुदान तथा एक स्थायी निधि के निर्माण के लिए किया जाएगा।

नई दिल्ली: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के 1980 बैच के छात्रों ने अपने 45वें पुनर्मिलन समारोह में संस्थान को 4.2 करोड़ रुपए दान देने की घोषणा की। यह कार्यक्रम 2 से 4 मार्च 2025 तक चला, जिसमें 63 पूर्व छात्रों ने हिस्सा लिया। उन्होंने अपनी पुरानी यादें ताजा कीं और संस्थान के विकास में योगदान देने का संकल्प लिया।
इस दान का उपयोग आईआईटी कानपुर में कई पहलों के लिए किया जाएगा, जिसमें हॉल 3 के लिए सहायता, परिसर की सुविधाओं में सुधार, लड़कियों के छात्रावास के लिए अनुदान और एक स्थायी निधि का निर्माण शामिल है।
इस दान से प्रो. प्रवीर दत्त उत्कृष्टता पुरस्कार, प्रो. के.एस. गांधी और प्रो. एस.के. गुप्ता अनुसंधान पुरस्कार, मानविकी और प्रौद्योगिकी पर प्रो. महाजन और प्रो. धनागरे श्रद्धांजलि कार्यक्रम और स्नातक उत्कृष्टता पुरस्कार को समर्थन मिलेगा।
आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रोफेसर मणीन्द्र अग्रवाल ने कहा कि संस्थान न केवल तकनीकी शिक्षा प्रदान करता है, बल्कि परिवर्तन और विकास में सहायक जिम्मेदार नागरिक भी तैयार करता है।
पूर्व छात्रों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए आईआईटी कानपुर के संसाधन एवं पूर्व छात्र मामले के डीन प्रोफेसर अमेय करकरे ने कहा कि संस्थान को सदैव अपने समर्पित पूर्व छात्रों से सहयोग मिला है।
1980 बैच के छात्रों के योगदान से बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, छात्रों की सुविधाओं में सुधार होगा और शैक्षणिक उत्कृष्टता बढ़ेगी। यह पूर्व छात्रों और संस्थान के बीच गहरे संबंधों को दर्शाता है। हम उनके समर्थन के लिए आभारी हैं।
पूर्व छात्र बैच समन्वयक प्रदीप पारिख ने कहा, "आईआईटी कानपुर हमारी उपलब्धियों और मूल्यों का आधार रहा है। हम अपने संस्थान को श्रद्धांजलि देना चाहते थे और यह योगदान छात्रों की बेहतर शिक्षा और विकास में मदद करेगा।"
जिन उम्मीदवारों ने भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए आरआरबी ग्रुप डी फॉर्म भरा है और अगर उनके आवेदन फॉर्म में कोई गलती है तो वे 13 मार्च से पहले अपने आवेदन पत्र में सुधार कर सकते हैं।
Santosh Kumar