Press Trust of India | August 27, 2026 | 02:24 PM IST | 2 mins read
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मामला दर्ज किया है।

नई दिल्ली: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), दिल्ली ने एक छात्र की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की जांच के लिए गठित बाहरी जांच समिति का पुनर्गठन किया है और दिल्ली उच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।यह घटनाक्रम जांच समिति के अध्यक्ष नियुक्त किए गए उत्तराखंड के पूर्व डीजीपी अशोक कुमार के समिति से खुद को अलग करने के एक दिन बाद सामने आया है।
इस बीच, परिसर में छात्रों का विरोध-प्रदर्शन जारी रहा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “नई समिति का गठन किया गया है और न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता इसकी अध्यक्ष हैं। समिति के अन्य सदस्यों में एम्स, नई दिल्ली के मनोचिकित्सा विभाग के प्रमुख प्रताप शरण शामिल हैं। इसके अलावा, दो छात्र प्रतिनिधि और आईआईटी-दिल्ली के रजिस्ट्रार भी बाहरी जांच समिति का हिस्सा होंगे।”
आईआईटी दिल्ली ने एमएससी फिजिक्स के 31 वर्षीय छात्र की मौत के कारणों की जांच के लिए मंगलवार को 5 सदस्यों की एक कमेटी बनाई थी। छात्र ने 22 अगस्त को संस्थान के कैंपस की एक इमारत से कथित तौर पर कूदकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद आक्रोशित छात्रों ने परिसर में विरोध-प्रदर्शन किया, जिसके बाद प्रशासन ने सोमवार को कक्षाएं स्थगित करने का आदेश दिया।
अधिकारी ने कहा, “कुमार ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए समिति से खुद को अलग कर लिया है।” अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। शुरुआती जांच के मुताबिक, 22 अगस्त को छात्र सुबह करीब आठ बजे मुख्य गेट से आईआईटी-दिल्ली कैंपस में दाखिल हुआ और फिर लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स गया, जहां से वह लिफ्ट से छठी मंज़िल तक पहुंचा और कथित तौर पर नीचे कूद गया।
छात्र को तुरंत संस्थान के परिसर स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सुबह करीब 8:30 बजे किशनगढ़ थाने को घटना की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस की एक टीम परिसर में पहुंची।
सबूत जुटाने के लिए क्राइम टीम और फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) की एक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। मृतक की जेब से मिले मोबाइल फोन को जब्त कर लिया गया है और उसकी जांच की जा रही है। जांच के तहत पुलिस संस्थान से छात्र के काउंसलिंग रिकॉर्ड और अन्य जानकारी हासिल कर रही है।