Abhay Pratap Singh | August 11, 2026 | 04:08 PM IST | 2 mins read
IIT Delhi admissions 2026: ऑनलाइन डेटा साइंस एंड एआई सर्टिफिकेट प्रोग्राम के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 13 नवंबर, 2026 निर्धारित की गई है।

नई दिल्ली: भारतीय प्रौद्योगिक संस्थान दिल्ली (IIT Delhi) के सतत शिक्षा कार्यक्रम (CEP) ने ‘सर्टिफिकेट प्रोग्राम इन एप्लाइड डेटा साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: फ्रॉम फंडामेंटल्स टू डिप्लॉयमेंट’ चौथे बैच के लिए प्रवेश की घोषणा कर दी है। यह प्रोग्राम प्रोफेशनल्स को एडवांस्ड एआई तकनीकों का उपयोग करने, यह कार्यक्रम पेशेवरों को एडवांस्ड एआई तकनीकों का उपयोग करने, डेटा के आधार पर प्रभावी निर्णय लेने और प्रौद्योगिकी आधारित बदलावों का नेतृत्व करने के लिए तैयार करता है।
मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से 10+2+3 की पढ़ाई पूरी करने वाले स्नातक और डिप्लोमा धारक आवेदन कर सकते हैं। संस्थान कंप्यूटर विज्ञान, सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल इंजीनियर, भौतिकी और संबंधित विषयों के उम्मीदवारों को प्राथमिकता देगा। कार्यक्रम के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 13 नवंबर, 2026 निर्धारित की गई है।
कोर्स पूरा करने वाले अभ्यर्थियों को आईआईटी दिल्ली के सीईपी द्वारा जारी ई-प्रमाणपत्र दिया जाएगा। आईआईटी दिल्ली अपने सीईपी और सेंटर फॉर एप्लाइड रिसर्च इन इलेक्ट्रॉनिक्स के माध्यम से 8 महीने का ऑनलाइन कार्यक्रम प्रदान करता है। आईआईटी दिल्ली ‘डायरेक्ट-टू-डिवाइस’ मोड के जरिए लाइव सेशन आयोजित करेगा। आईआईटी दिल्ली के फैकल्टी और उद्योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में ट्यूटोरियल और सहयोगात्मक सीखने की गतिविधियां भी शामिल होंगी। इसके अलावा, कार्यक्रम में एक दिवसीय ‘कैंपस इमर्शन’ भी शामिल होगा।
नौ-मॉड्यूल वाले इस पाठ्यक्रम में डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पूरी प्रक्रिया को शामिल किया गया है, जो पायथन प्रोग्रामिंग, डेटा मैनिपुलेशन और एक्सप्लोरेटरी डेटा एनालिसिस से शुरू होता है। इसके बाद डीप लर्निंग, रीइन्फोर्समेंट लर्निंग और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग जैसे एडवांस टॉपिक को शामिल किया गया है। कार्यक्रम के अंतिम चरण में डॉकर और क्लाउड प्लेटफॉर्म के माध्यम से मॉडल डिप्लॉयमेंट रणनीतियों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें मशीन लर्निंग ऑपरेशंस और जिम्मेदार एआई की स्थापित प्रक्रियाओं को भी शामिल किया जाएगा।
यह कार्यक्रम डेटा साइंटिस्ट और एआई विशेषज्ञ बनने के इच्छुक अभ्यर्थियों, टेक्नोलॉजी एवं एनालिटिक्स प्रोफेशनल्स, इंजीनियरों, टेक्नोलॉजिस्ट, छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए तैयार किया गया है, जो एप्लाइड डेटा साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की गहरी समझ विकसित करना चाहते हैं। इसमें 300 घंटे से अधिक का लाइव और सेल्फ-पेस्ड लर्निंग शामिल है।
इस घोषणा के मौके पर आईआईटी दिल्ली के एसोसिएट प्रोफेसर अंकुर गुप्ता ने कहा, “एआई की असली परीक्षा यह नहीं है कि कोई मॉडल लैब में काम करता है या नहीं, बल्कि यह है कि क्या वह भरोसेमंद और जिम्मेदार तरीके से बड़े पैमाने पर किसी समस्या को हल कर सकता है। यह प्रोग्राम प्रोफेशनल्स को डेटा को समझने से लेकर ऐसे समाधान बनाने तक की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराकर इस निर्णय क्षमता को विकसित करने में मदद करता है, जिनका उपयोग संगठन आत्मविश्वास के साथ कर सकें।”