Trusted Source Image

IIT Students Suicide: 5 साल में 23 आईआईटी के 45 छात्रों ने की आत्महत्या, 28 स्टूडेंट एससी, एसटी, ओबीसी वर्ग से

Press Trust of India | September 23, 2026 | 11:02 AM IST | 2 mins read

ये आंकड़े 8 दिसंबर, 2025 को लोकसभा में पूछे गए एक तारांकित प्रश्न के लिए सभी आईआईटी से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर संकलित किए गए हैं।

5 वर्षों में आईआईटी-हैदराबाद में सबसे अधिक 7 आत्महत्याएं दर्ज की गईं। (प्रतीकात्मक-मैग्निफिक)
5 वर्षों में आईआईटी-हैदराबाद में सबसे अधिक 7 आत्महत्याएं दर्ज की गईं। (प्रतीकात्मक-मैग्निफिक)

नई दिल्ली: साल 2020-21 से 2024-25 के बीच देश के 23 इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) में कुल 45 छात्रों ने आत्महत्या की। इनमें से 28 मामले अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदायों के छात्रों से जुड़े थे। यह जानकारी आधिकारिक आंकड़ों से सामने आई है।

ये आंकड़े 8 दिसंबर, 2025 को लोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न के लिए सभी आईआईटी से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर संकलित किए गए हैं। इन 28 छात्रों की संख्या इस अवधि के दौरान आईआईटी में दर्ज कुल आत्महत्याओं के 62% से अधिक थी।

IIT Students Suicide: आत्महत्याओं की संख्या में बढ़ोतरी

आत्महत्या करने वाले छात्रों में 12 अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), नौ अनुसूचित जाति (एससी) और सात अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय से थे। वहीं, 16 छात्र सामान्य वर्ग और एक छात्र आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) से था।

वर्ष 2023-24 में आत्महत्याओं की संख्या में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। उस वर्ष आईआईटी में 16 छात्रों की आत्महत्या की सूचना मिली, जबकि उससे पिछले वर्ष यह संख्या छह थी। 2024-25 में आत्महत्या के 13 मामले सामने आए।

Also readDDU University: विशेष, छूटी हुई प्रैक्टिकल और रिसर्च प्रोजेक्ट के संबंध में सूचना जारी; परीक्षा तिथि जांचें

IIT Students Suicide: आईआईटी-हैदराबाद में सबसे अधिक मामले

5 वर्षों में आईआईटी-हैदराबाद में सबसे अधिक 7 आत्महत्याएं दर्ज की गईं। आईआईटी-खड़गपुर, आईआईटी-दिल्ली और आईआईटी-कानपुर में 6-6, जबकि आईआईटी-मद्रास में 5 और आईआईटी (बीएचयू) में 4 आत्महत्याएं दर्ज की गईं।

वर्ष 2024-25 में आत्महत्या करने वाले 13 छात्रों में से 4 अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), 3 अनुसूचित जनजाति (एसटी) और 2 अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय से थे, जबकि चार छात्र सामान्य वर्ग से थे।

आंकड़ों के संकलन में 5 वर्षों के दौरान हुई 8 अप्राकृतिक मौतों को अलग से दर्ज किया गया है। इन्हें आत्महत्या के 45 मामलों में शामिल नहीं किया गया है।

यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जिनके आत्मघाती कदम उठाने की आशंका है तो उनसे संवाद करें और समझाएं। आत्महत्या के विचार आने पर पीड़ित व्यक्ति सहायता और परामर्श के लिए हेल्पलाइन नंबर 9820466726 पर कॉल कर सकते हैं या फिर AASRA की आधिकारिक वेबसाइट http://www.aasra.info की मदद ले सकते हैं। इसके अलावा, 9152987821 पर भी कॉल कर सकते हैं। आत्महत्या रोकने के लिए सक्रिय कुछ और संगठनों के हेल्पलाइन नंबर लिंक पर उपलब्ध हैं जो ऐसे लोगों की मदद कर सकते हैं।

MakeCAREERS360
My Trusted Source
Trusted Source ImageAdd as a preferred source on google

Download Our App

Start you preparation journey for JEE / NEET for free today with our APP

  • Students300M+Students
  • College36,000+Colleges
  • Exams550+Exams
  • Ebooks1500+Ebooks
  • Certification16000+Certifications