IIT Delhi FinTech Admission 2026: आईआईटी दिल्ली ने फिनटेक प्रोग्राम के चौथे बैच में प्रवेश की घोषणा की
Abhay Pratap Singh | January 19, 2026 | 03:43 PM IST | 2 mins read
फिनटेक प्रोग्राम के छह एकीकृत मॉड्यूल प्रतिस्पर्धी बाजारों में आगे बढ़ने के लिए आधुनिक कौशल संरचना तैयार करते हैं।
नई दिल्ली: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली (IIT Delhi) ने अपने ‘प्रोफेशनल सर्टिफिकेट प्रोग्राम इन फिनटेक’ के चौथे बैच की शुरुआत की है। यह छह माह का लाइव-ऑनलाइन कार्यक्रम ‘फिनटेक ABCDs’ फ्रेमवर्क - आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लॉकचेन, क्लाउड कंप्यूटिंग और बिग डेटा के माध्यम से पेशेवरों को उन्नत और नौकरी के लिए उपयोगी कौशल प्रदान करता है।
आधिकारिक नोटिस के अनुसार, यह प्रोग्राम 118 घंटे का अध्ययन प्रदान करता है। फाइनेंस एवं टेक्नोलॉजी के विकास की समझ विकसित करता है। साथ ही, ब्लॉकचेन की अवधारणाओं, क्रिप्टोग्राफी, ब्लॉकचेन सुरक्षा, बिटकॉइन और सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) के माध्यम से आधुनिक भुगतान प्रणालियों की जानकारी दी जाती है।
इसके अलावा, शिक्षार्थी स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स, एनएफटी, बीएनपीएल, इंश्योरटेक और वेल्थटेक जैसे वास्तविक अनुप्रयोगों का अध्ययन करते हैं। रेगटेक, भारत की फिनटेक नियामक संरचना और रेगुलेटरी सैंडबॉक्स की समझ विकसित करते हैं, जिससे उन्हें अनुपालन और जोखिम प्रबंधन की बेहतर जानकारी प्राप्त होती है। डन एंड ब्रैडस्ट्रीट के अनुसार, ग्लोबर फिनटेक बाजार 2030 तक 2.1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।
छह एकीकृत मॉड्यूल (फिनटेक ओवरव्यू, ब्लॉकचेन एंड क्रिप्टोकरेंसी, बैंकिंग एंड अल्टरनेटिव लेंडिंग, एप्लीकेशन इन फाइनेंस, रिस्क एंड रेगुलेशन और फिनटेक & एंटरप्रेन्योरियल लैंडस्केप) प्रतिस्पर्धी बाजारों में आगे बढ़ने के लिए आधुनिक कौशल संरचना तैयार करते हैं। शिक्षार्थियों को लाइव लेक्चर, ग्लोबल एंड इंडियन केस स्टडी, चुने हुए GenAI टूल्स के साथ गाइडेड प्रैक्टिस और एक कैपस्टोन प्रोजेक्ट का लाभ मिलता है।
इस घोषणा पर बोलते हुए आईआईटी दिल्ली की प्रोफेसर स्मिता काशीरामका ने कहा, “फिनटेक अब फाइनेंशियल इंटरमीडिएशन के केंद्र में है। यह कार्यक्रम ब्लॉकचेन, एआई/एमएल, क्लाउड और डेटा के प्रोडक्शन-स्तर पर व्यावहारिक अनुभव के साथ मजबूत सैद्धांतिक आधार को जोड़ता है।”
उन्होंने आगे कहा, शिक्षार्थी ऐसे नियमों के अनुरूप, सुरक्षित और आसानी से विस्तार योग्य समाधान तैयार करना सीखते हैं, जो ग्राहकों को बेहतर परिणाम दें, संचालन की क्षमता बढ़ाएं और भरोसा मजबूत करें - ये वही कौशल हैं जिनकी नियोक्ता प्रोडक्ट, जोखिम, विश्लेषण और नियामकीय भूमिकाओं में खास तौर पर तलाश करते हैं।
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