IIM Sambalpur: आईआईएम संबलपुर ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंसी सेंटर ‘उद्भावनम’का किया उद्घाटन
आईआईएम संबलपुर देश में अंतरराष्ट्रीय सॉफ़्टवेयर उत्पाद प्रबंधन संघ (आईएसपीएमए) का छात्र अध्याय स्थापित करने वाला पहला संस्थान बन गया है, जो यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले जैसे अन्य संस्थानों के साथ है।
Saurabh Pandey | October 7, 2024 | 05:27 PM IST
नई दिल्ली : भारतीय प्रबंधन संस्थान संबलपुर (आईआईएम संबलपुर) ने प्रोडक्ट मैनेजमेंट के लिए एक नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंसी सेंटर ‘उद्भावनम’ के उद्घाटन संस्करण की घोषणा की है। आईआईएम संबलपुर इंटरनेशनल सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट मैनेजमेंट एसोसिएशन (आईएसपीएमए) का विश्वविद्यालय चैप्टर स्थापित करने वाला देश का पहला संस्थान भी बन गया है।
अमेरिका स्थित प्रबंधन परामर्श फर्म, मैकिन्से एंड कंपनी का दावा है कि निर्णय लेने के बढ़ते महत्व और सॉफ्टवेयर पद्धतियों के भीतर डिजाइन पर बढ़ते जोर के कारण प्रबंधक की भूमिका का विस्तार हो रहा है। उत्पाद प्रबंधन में विशेषज्ञता की इसी बढ़ती मांग के जवाब में, आईआईएम संबलपुर ने इस कार्यक्रम की शुरुआत की है, जिसके परिणामस्वरूप अल्फाबीटा की अगुआई में इंटरनेशनल सॉफ्टवेयर प्रॉडक्ट मैनेजमेंट एसोसिएशन के सहयोग से उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना हुई है।
कार्यक्रम का विषय
इस कार्यक्रम का विषय ‘फ्यूचर रेडी प्रोडक्ट्स-मास्टरिंग इनोवेशन इन द प्रोडक्ट मैनेजमेंट’ है। प्रोडक्ट मैनेजमेंट में स्पेशलाइजेशन को बढ़ावा देने के लिए, विशेषज्ञ, शिक्षाविद और उद्योग के अग्रणी दिग्गज प्रोडक्ट मैनेजमेंट में होने वाले तेजी से परिवर्तनों के बारे में चर्चा में जुटे हुए हैं। ये परिवर्तन तकनीकी प्रगति और विकसित उपभोक्ता मांगों पर आधारित है।
आईआईएम संबलपुर के डायरेक्टर प्रो. महादेव जायसवाल ने कहा कि हमारा देश प्रोडक्ट मैनेजमेंट का केंद्र बनने के लिए तैयार है, जो प्लेटफॉर्म-आधारित मॉडल और एआई जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा दे रहा है। इनोवेशन और समावेशिता के अपने मूल मूल्यों को अपनाकर, हम आईएसपीएमए और आईटी मंत्रालय के सहयोग से उत्कृष्टता के केंद्र कायम कर रहे हैं।
मुख्य अतिथि आईएसपीएमए के ग्लोबल चेयर प्रो हैंस-बर्न्ड किटलॉस ने ‘प्लेटफ़ॉर्म वर्सेज प्रॉडक्ट-व्हाट इज डिफरेंट फ्रॉम ए प्रॉडक्ट मैनेजर्स पर्सपेक्टिव’ विषय पर चर्चा की और कहा कि आधुनिक व्यावसायिक परिदृश्य में, प्लेटफॉर्म अपने तकनीकी मूल से आगे बढ़कर उद्योगों में मूल्य सृजन के लिए मुख्य आधार बन गए हैं। बैंकिंग से लेकर ऑटोमोटिव तक, सॉफ्टवेयर-संचालित प्लेटफॉर्म अब न केवल डिजिटल उत्पादों बल्कि नवीन तकनीकों से जुड़े भौतिक सामानों के प्रबंधन के लिए भी अभिन्न अंग हैं।
कार्यक्रम में शामिल हुए ये लोग
कार्यक्रम का समापन ‘पर्सपेक्टिव- टास्कमास्टर टू ट्रेलब्लेजर’ सत्र के साथ हुआ, जिसमें वेंकी महादेवन, स्वतंत्र निदेशक (बोर्ड सदस्य), फेलो-ब्रिटिश कंप्यूटर सोसाइटी, फेलो-आईएसपीएमए; दीपक एचपी, डायरेक्टर ऑफ प्रॉडक्ट मैनेजमेंट, एसएपी लैब्स; नीरव पालन, प्रॉडक्ट मैनेजर, आईसीआईसीआई बैंक; डॉ. ग्रेगरी डन (डीन - हरि शंकर सिंघानिया स्कूल ऑफ बिजनेस); और अभिजीत बेंडीगिरी, डायरेक्टर ऑफ प्रॉडक्ट मैनेजमेंट, ओरेकल (मॉडरेटर) ने भाग लिया।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- JEE Main 2025: जामिया मिल्लिया इस्लामिया के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? जानें ब्रांच वाइज कटऑफ रैंक
- JEE Advanced 2025: आईआईटी पटना के लिए जेईई एडवांस्ड में कितने मार्क्स चाहिए? ब्रांच वाइज कटऑफ रैंक जानें
- JEE Main 2025: एनआईटी जालंधर के लिए जेईई मेन में कितने अंक चाहिए? एनआईआरएफ रैंक, कटऑफ और एलिजिबिलिटी जानें
- JEE Advanced 2025: आईआईटी धारवाड़ के लिए जेईई एडवांस्ड में कितने मार्क्स चाहिए? ब्रांच वाइज कटऑफ रैंक जानें
- JEE Main 2025: एनआईटी अगरतला के लिए जेईई मेन में कितने अंक चाहिए? एनआईआरएफ रैंक, कटऑफ और एलिजिबिलिटी जानें
- JEE Advanced 2025: आईआईटी रोपड़ के लिए जेईई एडवांस्ड में कितने मार्क्स चाहिए? ब्रान्चवाइज रैंक स्कोर जानें
- JEE Advanced 2025: आईआईटी जोधपुर के लिए जेईई एडवांस में कितने अंक चाहिए? रैंक, कटऑफ और पात्रता जानें
- JEE Main 2025: एनआईटी रायपुर के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? रैंक, कटऑफ और एलिजिबिलिटी जानें
- JEE Main 2025: एनआईटी गोवा के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? रैंक, कटऑफ और एलिजिबिलिटी जानें
- JEE Main 2025: एनआईटी सूरत के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? रैंक, कटऑफ और एलिजिबिलिटी जानें