Press Trust of India | March 26, 2026 | 02:47 PM IST | 2 mins read
शैक्षणिक उत्कृष्टता के आधार पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले 12 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।

जयपुर: राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने बुधवार को कहा कि दीक्षांत समारोह केवल शैक्षणिक उपलब्धि का उत्सव नहीं, बल्कि जीवन में नयी शुरुआत का प्रतीक है। राज्यपाल 25 मार्च को हरिदेव जोशी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे।
राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर के सभागार में आयोजित दीक्षांत समारोह में उन्होंने गुरुकुल परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा पूर्ण होने के बाद शिष्यों को सत्य, धर्म और विनम्रता का पालन करने की सीख दी जाती थी।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बागडे ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे प्राप्त ज्ञान का अहंकार न करते हुए समाज के कल्याण के लिए उसका उपयोग करें।
दीक्षांत समारोह में वर्ष 2024 एवं 2025 में अंतिम परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले कुल 271 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें स्नातक एवं स्नातकोत्तर के 269 विद्यार्थी तथा दो शोधार्थी शामिल हैं, जिन्हें पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई।
शैक्षणिक उत्कृष्टता के आधार पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले 12 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया, जबकि प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले कुल 35 विद्यार्थियों को वरीयता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि विश्वास अर्जित करने का भी क्षण है। उन्होंने कहा कि यह जीवन का वह मोड़ है जहां से नई दिशा और जिम्मेदारी शुरू होती है।
उन्होंने 1975 में लगाए गए आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाया गया, लेकिन सशक्त पत्रकारिता ने सत्य की रक्षा की। दीक्षांत समारोह में सिर्फ 12 स्वर्ण पदक विद्यार्थियों को मंच पर डिग्री दी गई। इसके बाद कार्यक्रम को समाप्त घोषित कर दिया गया।
इस दौरान कुछ छात्रों ने मंच से डिग्री देने की मांग करते हुए हंगामा कर दिया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा स्वर्ण पदक विद्यार्थियों को डिग्री देने के बाद अपनी कार में बैठ गए थे।
कई छात्र प्रदर्शन करते हुए बैरवा की कार के आगे लेट गए। विरोध प्रदर्शन के बाद उप मुख्यमंत्री को वापस सभागार में आना पड़ा। फिर उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने मंच पर छात्रों को डिग्रियां बांटी।