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CJP Protest: डीयू के बाद जेएनयू ने भी फैकल्टी, छात्रों के लिए जारी की एडवाइजरी, सभाओं में जाने से बचें

Saurabh Pandey | July 24, 2026 | 04:33 PM IST | 3 mins read

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि हमने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से बात की। हमने उनसे कहा कि इस पर कोई समझौता नहीं हो सकता। यह बात सीजेपी, सोनम जी या किसी एक व्यक्ति के बारे में नहीं है।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि हमने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से बात की। (इमेज-सोशल मीडिया)
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि हमने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से बात की। (इमेज-सोशल मीडिया)

नई दिल्ली : देश के दो बड़े विश्वविद्यालयों ने अपने छात्रों और फैक्ल्टी को दिल्ली के जंतर-मतर पर चल रहे धरना-प्रदर्शन में शामिल न होने की अपील की है। पहले दिल्ली विश्वविद्यालय की तरफ से एक एडवाइजरी जारी की गई और अब जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) ने भी इसी संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक सूचना जारी की है।

दिल्ली विश्वविद्यालय की तरफ से कहा गया है कि प्रिय छात्रों और फैकल्टी सदस्यों, आपकी सुरक्षा हमारे लिए महत्वपूर्ण है। कृपया ध्यान दें कि जंतर-मंतर, नई दिल्ली में किसी भी तरह की गैर-कानूनी सभा या प्रदर्शन जिन पर भारत के माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार कड़े नियम लागू हैं के कारण कानूनी कार्रवाई हो सकती है। ऐसी गतिविधियों से छात्रों की व्यक्तिगत सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है और उनकी पढ़ाई-लिखाई की प्रगति और करियर के अवसरों पर भी बुरा असर पड़ सकता है।

इसलिए, सभी छात्रों से आग्रह है कि वे जंतर-मंतर से दूर रहें और अपनी सुरक्षा तथा कानून का पालन करने को प्राथमिकता दें। साथ ही, आपको सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है क्योंकि स्थिति को भड़काने के लिए काफी मात्रा में नकली और गुमराह करने वाली जानकारी बनाई और फैलाई जा रही है।

जेएनयू ने भी सभाओं में शामिल होने से बचने की सलाह दी

इसके बाद जेएनयू की तरफ से भी कहा गया है कि जेएनयू के सभी सदस्यों को सलाह दी जाती है कि वे जिम्मेदारी से काम लें और अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा को प्राथमिकता दें। सार्वजनिक प्रदर्शनों के बारे में भारत के माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, आपसे अनुरोध है कि आप नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर या उसके आस-पास होने वाली सभाओं में शामिल होने या वहां जाने से बचें।

कृपया सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से व्यवहार करें। नियमों का उल्लंघन करने पर लागू कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई हो सकती है और साथ ही यूनिवर्सिटी की आचार संहिता के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। आपसे यह भी आग्रह किया जाता है कि आप शैक्षणिक जिम्मेदारी और जिम्मेदार नागरिकता के मूल्यों को बनाए रखें।

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सीजेपी प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात

सीजेपी के एक प्रतिनिधिमंडल और केंद्रीय मंत्रियों जितेंद्र सिंह और जेपी नड्डा के बीच बैठक हुई। सीजेपी के विरोध प्रदर्शन पर बात करते हुए उनके प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, कि सरकार के साथ हमारी बैठक लगभग दो घंटे चली और यह बहुत स्पष्ट और मुद्दे पर केंद्रित थी। हमने साफ़ कर दिया था कि हमें अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहिए। सरकार ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और हमारी तीन में से दो मांगों पर सैद्धांतिक सहमति जताई है।

1 करोड़ रुपये का मुआवजा और कानूनी मामलों से सुरक्षा, जिसमें यह सॉवरेन गारंटी भी शामिल है कि भविष्य में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई एपआईआर दर्ज नहीं की जाएगी और न ही कोई कानूनी कार्रवाई होगी। हमने यह भी बताया कि 150-200 से ज़्यादा शहरों में प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या उन्हें कैबिनेट से हटाने की मांग को लेकर एकजुट हैं। सरकार ने कहा कि इस मामले की जानकारी प्रधानमंत्री को दी जाएगी और कल दोपहर एक और बैठक तय की गई है। हमें जल्द ही किसी ठोस फैसले की उम्मीद है, और अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम एक और राष्ट्रीय स्तर का आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।

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