Santosh Kumar | July 24, 2026 | 03:45 PM IST | 3 mins read
जेपी नड्डा ने बताया कि सीजेपी ने सरकार के सामने 3 मुख्य मांगें और 5 सुझाव रखे हैं। उन्होंने कहा कि इन मांगों पर सरकार के साथ विस्तार से चर्चा होगी और वे कल फिर सीजेपी से मिलकर उन्हें बातचीत की प्रगति के बारे में जानकारी देंगे।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' को मंजूरी दे दी। इस बीच, परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे गतिरोध को सुलझाने के लिए केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और जितेंद्र सिंह तथा विरोध कर रहे संगठन 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के प्रवक्ताओं के बीच आज 'कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया' में बातचीत हुई।
जेपी नड्डा ने बताया कि सीजेपी ने सरकार के सामने 3 मुख्य मांगें और 5 सुझाव रखे हैं। उन्होंने कहा कि इन मांगों पर सरकार के साथ विस्तार से चर्चा होगी और वे कल फिर प्रवक्ताओं से मिलकर उन्हें बातचीत की प्रगति के बारे में जानकारी देंगे।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के साथ बैठक हुई। कॉकरोच जनता पार्टी के साथ सरकार के मंत्रियों की बैठक करीब 2 घंटे तक चली।
कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, "बैठक अच्छे माहौल में हुई। हमने अपनी 3 मुख्य मांगें रखीं। पहली और सबसे जरूरी मांग है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें या उन्हें केंद्रीय कैबिनेट से हटाया जाए।"
सौरव दास ने आगे कहा, "दूसरी मांग है कि पेपर लीक के कारण मरने वालों और पीड़ितों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। तीसरी मांग है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएं।
सौरव दास ने आगे कहा, "हमें सरकार से यह पक्का भरोसा भी मिला है कि भविष्य में किसी भी प्रदर्शनकारी या ऑर्गनाइज़र के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। हमने अपने 5-पॉइंट पॉलिसी चार्टर पर भी चर्चा की।"
सौरव दास ने कहा, "हमने दिल्ली में कई युवाओं को हिरासत में लिए जाने पर चिंता जताई, जो या तो जंतर-मंतर जा रहे या वहां से खाना और अन्य सामान लेकर लौट रहे। हमने सरकार को बताया कि कल से ही लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है।"
"केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने हमसे कहा कि ऐसी कोई हिरासत नहीं हो रही है। हालांकि, जब हमने कुछ खास घटनाओं का ज़िक्र किया, तो उन्होंने हमें भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होंगी", दास ने कहा।
इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई है और कहा है कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद केंद्रीय कैबिनेट ने पेपर लीक के मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान करने वाले एक ड्राफ्ट बिल को मंजूरी दी। इस बिल को पीएम की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई।
इससे पहले, पीएम मोदी ने कहा था कि पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रस्ताव करने वाला बिल अगले सप्ताह संसद में पेश किया जाएगा। यह फ़ैसला ऐसे समय में लिया गया है जब पेपर लीक के चलते सरकार चारों ओर से घिरी हुई है।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसे राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) 2024 का प्रश्नपत्र चोरी होने या उसके वितरण में संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया की भूमिका साबित करने वाला कोई सबूत नहीं मिला।
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