Santosh Kumar | July 23, 2026 | 03:07 PM IST | 2 mins read
जांच के दौरान इस मामले में उसकी संलिप्तता का कोई सबूत नहीं मिला इसलिए सीबीआई ने संजीव मुखिया के खिलाफ कोई आरोपपत्र दाखिल नहीं किया और उसे नीट-यूजी 2024 मामले में जमानत मिल गई।
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नई दिल्ली: सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने कहा कि उसे नीट 2024 परीक्षा का प्रश्न पत्र चोरी होने या उसे बांटने में संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया की भूमिका साबित करने वाला कोई सबूत नहीं मिला। एजेंसी ने एक बयान में कहा कि 2024 में बिहार पुलिस ने नीट प्रश्न पत्र चोरी होने का पता लगाया और मामला दर्ज किया। सीबीआई के प्रवक्ता ने कहा, "उस समय, शुरू में संजीव मुखिया पर चोरी में शामिल होने का शक था क्योंकि वह प्रश्न पत्र चोरी या लीक होने के कुछ अन्य मामलों में शामिल पाया गया था।" इसी आधार पर बिहार पुलिस ने उसे एफआईआर में आरोपी बनाया। बाद में यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया।
सीबीआई ने प्रश्नपत्र को चुराने और चोरी हुए प्रश्नपत्र को आगे वितरित करने में शामिल ''प्रत्येक व्यक्ति'' और इससे फायदा उठाने वाले हर व्यक्ति की पहचान की। एजेंसी ने पटना की अदालत में 45 लोगों के खिलाफ कई आरोपपत्र दाखिल किए।
प्रवक्ता ने कहा, ''सीबीआई को ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे संजीव मुखिया की भूमिका साबित हो सके।'' गहन जांच के बाद, एजेंसी को यकीन हो गया है कि पूरी साज़िश और उसमें शामिल लोगों की पहचान कर ली गई है।
बयान के अनुसार, ''संजीव मुखिया उस दौरान फरार था। बाद में बिहार पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। चूंकि वह प्राथमिकी में नामजद आरोपी था, इसलिए सीबीआई ने नीट-यूजी 2024 मामले में पूछताछ के लिए उसे हिरासत में लिया।''
बयान में कहा गया है कि जांच के दौरान इस मामले में उसकी संलिप्तता का कोई सबूत नहीं मिला इसलिए सीबीआई ने संजीव मुखिया के खिलाफ कोई आरोपपत्र दाखिल नहीं किया और उसे नीट-यूजी 2024 मामले में जमानत मिल गई।
एजेंसी ने बताया कि सीबीआई मामले में जमानत मिलने के बाद भी मुखिया न्यायिक हिरासत में रहा क्योंकि वह बिहार पुलिस द्वारा जांच किए जा रहे कुछ अन्य मामलों में भी आरोपी था।
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बयान में कहा गया है, ''सीबीआई ने नीट-यूजी 2024 प्रश्नपत्र चोरी के मामले की विस्तृत जांच की, इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान की और यह सुनिश्चित किया कि कोई भी कानून के शिकंजे से बच न पाए।''
दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने नीट 2024 पेपर लीक मामले को लेकर कहा, "मोदी जी की पूरी पोल खुल गई। 2024 में नीट पेपर लीक हुआ तो मोदी सरकार ने संजीव मुखिया को मास्टरमाइंड बताकर गिरफ्तार किया।"
"इसके बाद सीबीआई ने जानबूझकर समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं की, जिससे उसे 3 महीने में ही स्वत: जमानत मिल गई। अब सीबीआई ने उसे क्लीन चिट दे दी है। वाह मोदी जी, आपसे नहीं हो पाएगा, क्योंकि आपकी नीयत में खोट है।"
इनपुट्स-पीटीआई
उन्होंने दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्देश दिया है। पेपर लीक को "घिनौना अपराध" बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दोषियों को सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर एक पोस्ट के माध्यम से छात्रों से यह वादा किया है।
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