Santosh Kumar | September 12, 2026 | 11:39 AM IST | 1 min read
एबीवीपी के एक पदाधिकारी ने इन आरोपों को डबास की लोकप्रियता को चुनाव से पहले प्रभावित करने के उद्देश्य से चलाया गया "दुष्प्रचार अभियान" बताया।

नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) के आगामी चुनाव के लिए शुक्रवार को अंतिम अस्थायी नामांकन सूची जारी होने के कुछ घंटे बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की ओर से अध्यक्ष पद के उम्मीदवार यश डबास के शैक्षणिक रिकॉर्ड को लेकर सोशल मीडिया पर आरोप सामने आए। यश डबास की एक कथित अंकतालिका सोशल मीडिया पर साझा की गई, जिसके साथ ही उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड पर सवाल उठाने वाली पोस्ट भी की गईं और छात्रों से "सोच-समझकर मतदान करने" को कहा गया।
इस दस्तावेज की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। हालांकि, एबीवीपी के एक पदाधिकारी ने इन आरोपों को डबास की लोकप्रियता को चुनाव से पहले प्रभावित करने के उद्देश्य से चलाया गया "दुष्प्रचार अभियान" बताया।
पदाधिकारी ने कहा, "यश डबास एक प्रतिभाशाली प्रत्याशी हैं और छात्रों के बीच लोकप्रिय पसंद बनकर उभरे हैं। ऐसे आरोप केवल उन्हें बदनाम करने और उनकी लोकप्रियता कम करने के लिए लगाए जा रहे हैं।"
पदाधिकारी ने कहा कि ये आरोप राजनीतिक उद्देश्य से लगाए गए हैं और छात्रों को उम्मीदवारों का आकलन उनके काम तथा विश्वविद्यालय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के आधार पर करना चाहिए।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने अध्यक्ष पद के लिए यश डबास को उम्मीदवार बनाया है। उनका मुकाबला नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के विजय शंकर मीणा से होगा।
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के गठबंधन ने अध्यक्ष पद के लिए अनन्या रतूड़ी को उम्मीदवार बनाया है। 18 सितंबर को मतदान होना है। परिणाम अगले दिन आने की उम्मीद है।
इन नई सीटों के लिए हॉस्टल बनाने का काम अभी चल रहा है और आने वाले महीनों में यह पूरा हो जाएगा। खास बात यह है कि डीयू के ढाका कॉम्प्लेक्स में 1,450 सीटों वाला इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस हॉस्टल लगभग बनकर तैयार है।
Santosh Kumar