Delhi Nursery Admission 2026-27: दिल्ली के स्कूलों में नर्सरी प्रवेश मानदंड में ‘घर से दूरी’ होगा मुख्य कारक
Press Trust of India | November 28, 2025 | 05:31 PM IST | 2 mins read
शिक्षा निदेशालय (डीओई) ने पूर्ण प्रवेश कार्यक्रम जारी कर दिया है। आवेदन पत्र 4 दिसंबर से उपलब्ध होंगे और चयनित उम्मीदवारों की पहली सूची 23 जनवरी को जारी की जाएगी।
नई दिल्ली: दिल्ली के निजी स्कूलों ने 28 नवंबर को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नर्सरी दाखिले के लिहाज से अपने मानदंड जारी करना शुरू कर दिया है। पात्रता मानदंड में ‘स्कूल के पते से बच्चे के घर की दूरी’ सबसे अधिक अंक वाला कारक है और कुछ स्कूलों ने इसे 55 अंक तक दिए हैं।
इंद्रप्रस्थ इंटरनेशनल स्कूल -
द्वारका स्थित इंद्रप्रस्थ इंटरनेशनल स्कूल ने स्कूल से 0-12 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले आवेदकों को अधिकतम 55 अंक आवंटित किए हैं, इसके बाद 12-15 किलोमीटर दूर रहने वालों के लिए 45 अंक तथा 15 किलोमीटर से अधिक दूरी के लिए 35 अंक निर्धारित किए गए हैं।
ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित टैगोर इंटरनेशनल स्कूल -
स्कूल ने पहले से पढ़ रहे छात्र के भाई-बहन, पूर्व छात्र और कर्मचारियों के बच्चे वाली श्रेणियों के लिए 15-15 अंक निर्धारित किए हैं। ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित टैगोर इंटरनेशनल स्कूल ने चार किलोमीटर के दायरे में रहने वाले या स्कूल परिवहन वाले इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए 50 अंक निर्धारित किए हैं।
“बच्चे की स्थिति” श्रेणी के अंतर्गत, स्कूल ने पहले जन्मे बच्चे के लिए 30 अंक और दूसरे जन्मे बच्चे के लिए 20 अंक निर्धारित किए हैं। इसे साथ ही भाई-बहनों, पूर्व छात्रों और कर्मचारियों के बच्चों के लिए 10-10 अंक निर्धारित किए हैं।
आईटीएल इंटरनेशनल स्कूल -
द्वारका स्थित आईटीएल इंटरनेशनल स्कूल की प्राचार्य सुधा आचार्य ने कहा कि उनके मापदंड भी दूरी, भाई-बहनों को प्राथमिकता, पूर्व छात्रों और कर्मचारियों के बच्चों पर केंद्रित रहेंगे।
शिक्षा निदेशालय (डीओई) ने पूर्ण प्रवेश कार्यक्रम जारी कर दिया है। आवेदन पत्र 4 दिसंबर से उपलब्ध होंगे और चयनित उम्मीदवारों की पहली सूची 23 जनवरी को जारी की जाएगी।
नर्सरी में दाखिले के लिए बच्चे की आयु -
डीओई के अनुसार, शुरुआती चरण में नर्सरी और किन्डरगार्टन (केजी) तथा पहली कक्षा शामिल है। डीओई के मुताबिक, शैक्षणिक सत्र 2026-27 में नर्सरी में दाखिले के लिए बच्चे की आयु 31 मार्च, 2026 को तीन से चार वर्ष, केजी के लिए चार से पांच वर्ष और कक्षा पहली के लिए पांच से छह वर्ष होनी चाहिए। विद्यालय प्रधानाचार्य के विवेक के आधार पर आयु में अधिकतम एक माह की छूट दी जा सकती है।
पहली सूची व प्रतीक्षा -
विभाग के अनुसार, स्कूलों को 28 नवंबर तक अपने प्रवेश मानदंड और ‘ओपन सीट’ के लिए अंक वेबसाइट पर अपलोड करने होंगे। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 27 दिसंबर है।
विभाग के अनुसार, स्कूल नौ जनवरी तक सभी आवेदकों का विवरण अपलोड करेंगे और 16 जनवरी तक प्रत्येक बच्चे को दिए गए अंक जारी करेंगे।
पहली सूची व प्रतीक्षा सूची 23 जनवरी को और दूसरी सूची नौ फरवरी को जारी की जाएगी। अभिभावक 24 जनवरी से तीन फरवरी तक दिए गए अंकों पर स्पष्टीकरण मांग सकेंगे। प्रवेश प्रक्रिया 19 मार्च को समाप्त करनी होगी।
पंजीकरण शुल्क -
जिला-स्तरीय निगरानी प्रकोष्ठ अनुपालन सुनिश्चित करेगा और शिकायतों का निवारण करेगा। विभाग ने यह भी याद दिलाया कि प्रवेश मानदंड तैयार करते समय स्कूलों को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों का पालन करना होगा। डीओई ने यह भी स्पष्ट किया कि स्कूल केवल 25 रुपये पंजीकरण शुल्क ले सकते हैं।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- संसदीय समिति ने नीट मामले पर एनटीए अधिकारियों से पूछे तीखे सवाल, एजेंसी बोली- ‘हमारे सिस्टम से नहीं हुआ लीक’
- बिहार में खुलेगा राष्ट्रीय कला विश्वविद्यालय, ‘भोजपुरी के शेक्सपियर’ भिखारी ठाकुर के नाम पर बनेगा म्यूजियम
- NEET Exam: नीट की कंप्यूटर आधारित परीक्षा से गड़बड़ियों पर लगेगी रोक, बोले पूर्व यूजीसी अध्यक्ष जगदीश कुमार
- JEE Main 2026 Session 2: जेईई मेन सेशन 2 के लिए परसेंटाइल, रॉ मार्क्स व नॉर्मलाइजेशन का सरल विश्लेषण जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी भोपाल में बीटेक प्रवेश के लिए जेईई मेन में कितने अंक होने चाहिए; जानें कटऑफ, फीस, पैकेज
- JEE Main 2026 Cutoff for General Category: जेईई मेन 2026 के लिए सामान्य कैटेगरी की अपेक्षित कटऑफ जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी पटना के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? जानें पात्रता, फीस, कटऑफ, औसत पैकेज
- JEE Main 2026: एनआईटी इलाहाबाद में प्रवेश के लिए जेईई मेन में कितने अंक चाहिए? पात्रता, फीस और कटऑफ जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी दिल्ली के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? जानें पात्रता, फीस, कटऑफ, औसत पैकेज
- राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी, ‘लाडू’, ‘रोटलो’ और ‘मोटो बापो’ जैसे स्थानीय शब्द होंगे शामिल