Delhi-NCR के 89% स्कूली छात्र जलवायु परिवर्तन को लेकर चिंतित, 423 स्टूडेंट के बीच किया गया अध्ययन - रिपोर्ट
Press Trust of India | November 21, 2024 | 10:38 PM IST | 1 min read
‘द फ्यूचर वी वांट’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में 87 प्रतिशत छात्र “जलवायु परिवर्तन” शब्द से अवगत हैं, लेकिन उनकी समझ में असमानता है।
नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) के करीब 89 प्रतिशत स्कूली छात्रों ने बढ़ते जलवायु परिवर्तन पर अलग-अलग स्तर पर चिंता व्यक्त की और अधिकांश ने विश्व पर्यावरण दिवस मनाने जैसे सांकेतिक कदमों को खारिज कर दिया। एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) की रिपोर्ट में यह बात कही गई है।
‘चिंतन एनवायरमेंट रिसर्च एंड एक्शन ग्रुप’ द्वारा विभिन्न सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमियों के 10 से 15 वर्ष की आयु के 423 विद्यार्थियों के बीच किए गए अध्ययन में जागरूकता और संसाधनों में गंभीर अंतर को रेखांकित किया गया है, जिसकी वजह से निम्न आय वर्ग असमान रूप से प्रभावित हो रहा है।
रिपोर्ट में जलवायु परिवर्तन को लेकर दिल्ली-एनसीआर के स्कूली छात्रों के बीच व्यापक चिंताओं का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि 89 प्रतिशत छात्रों ने अलग-अलग स्तर की चिंता व्यक्त की है।
Also read School Closed News: वायु प्रदूषण के चलते नोएडा-गाजियाबाद के स्कूलों में भी ऑनलाइन क्लास के आदेश
‘द फ्यूचर वी वांट’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में बताया गया है कि 87 प्रतिशत छात्र “जलवायु परिवर्तन” शब्द से अवगत हैं, लेकिन उनकी समझ में असमानता है।
सर्वेक्षण में शामिल मध्यम और उच्च आय वर्ग के 97 प्रतिशत छात्रों ने कहा कि “अधिक ठोस और दैनिक कार्रवाई” की आवश्यकता है। उन्होंने देशभर के संस्थानों में विश्व पर्यावरण दिवस समारोह जैसे प्रतीकात्मक आयोजनों को अस्वीकार कर दिया।
निम्न आय वाले परिवारों के लगभग 26 प्रतिशत छात्रों ने कहा कि उन्होंने कभी ‘जलवायु परिवर्तन’ शब्द नहीं सुना, जबकि मध्यम और उच्च आय वाले परिवारों के केवल दो प्रतिशत बच्चों ने ऐसा कहा।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- JEE Advanced: जेईई-एडवांस्ड में 3 प्रयास की मांग तेज, 12,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने मंत्रालय को दिया प्रतिवेदन
- NITI Aayog Report: स्कूलों में छठी कक्षा से ही रोजगारपरक कौशल पर हो ध्यान, नीति आयोग का सुझाव
- आजादी के 80वें साल में भी 'कागजी' दावों के बीच फंसी शिक्षा व्यवस्था; पेपर लीक व बजट की कमी से जूझ रहे छात्र
- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार
- NEET Paper Leak: एक नहीं कई बार लीक हो चुका है नीट का पेपर; जानिए काला सच
- AISHE Reports: अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण रिपोर्ट वर्ष 2022-23 और 2023-24 के लिए जारी
- UDISE Report: वर्ष 2023-24 और 2025-26 के बीच सरकारी स्कूलों में दाखिले में लगभग 86 लाख की कमी आई
- NEET Retest 2026: नीट रीटेस्ट कल, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद; गाइडलाइंस जारी, एनटीए की आज देशभर में मॉक ड्रिल